चेंबर चुनाव का शोर जैसा हुआ करता था इस बार सुनने को नहीं मिला। व्यापारियों ने आपसी सहमति से एक प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया। इस पद के लिए कोई वोटिंग नहीं हुई जैसा अमूमन हुआ करती थी। रविवार को रायपुर में प्रदेश पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण हुआ। इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल कुछ ऐसा बोल गए जिसकी चर्चा कारोबारियों के बीच है। रायपुर के पूर्व सांसद और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने भी मंच से सरकार के लिए एक टिप्पणी की।
सबसे पहले बृजमोहन अग्रवाल की कही बात। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि पहली बार बिना खून खराबे के चेंबर चुनाव हो गए। ये सुनकर शहीद स्मारक भवन में बैठे कारोबारी हंसने लगे। अगली पंक्ति में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कोई पैनल वैनल मत बनाना, इसी तरह से अगली पर भी पदाधिकारी तय हो जाएं। इसके बाद CM साय ने भी कहा कि सर्व सम्मति से नेता चुनने की परंपरा को अगली बार भी कायम रखें। इससे ये चर्चा है कि अगली बार भी चेंबर में चुनाव नहीं होंगे। हालांकि अन्य जिलों में पदाधिकारियों के वोटिंग की औपचारिकता की गई। बृजमोहन ने ये भी कहा कि चाणक्य ने कहा था कि जो सरकार व्यापार को बढ़ावा देती है, उस देश को आगे बढ़ने से काेई नहीं रोक सकता। इसके बाद जब बारी रमेश बैस की बोलने की आई तो उन्होंने कहा- बृजमोहन ने कहा कि सरकार व्यापार को बढ़ावा दे, मगर सरकार इतना भी टैक्स न ले कि व्यापारी दे न पाए। ये सुनते ही कारोबारियों ने ठहाका लगाया और तालियों से सभागार गूंजा। CM ने गिनवाई सुविधा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों को हमेशा प्राथमिकता दी है। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हमने पेट्रोल पर वैट 1 रुपये प्रति लीटर कम किया है। व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया गया है। इसका लाभ प्रदेश के 40 हजार व्यापारियों को मिल रहा है।
अब ये हैं चेंबर के नए पदाधिकारी


