महासमुंद जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिलेट्स फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। कलेक्टर विनय कुमार लहंगे ने इस संबंध में कृषि विभाग और किसान उत्पादक संघों के साथ बैठक की। कलेक्टर ने कहा कि धान की जगह रागी, कोदो और कुटकी जैसी मिलेट्स फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही दलहन और तिलहन की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों को कम लागत में ज्यादा उपज और आय प्राप्त होगी। जिले में मिलेट्स कैफे की तर्ज पर एक रेस्टोरेंट खोला जाएगा। यहां मिलेट्स से बने विभिन्न व्यंजन और उत्पाद बेचे जाएंगे। किसानों की रुचि को देखते हुए मिलेट्स प्रोसेसिंग प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। जिले में 1100 किसान कर रहे मिलेट्स की खेती कृषि उप संचालक एफ.आर. कश्यप के अनुसार, वर्तमान में जिले में 1100 किसान मिलेट्स की खेती कर रहे हैं। पिछले खरीफ सीजन में 300 हेक्टेयर और इस रबी सीजन में 900 हेक्टेयर में रागी की खेती की गई है। जिले में कार्यरत 10 किसान उत्पादक संघों को किसानों को जागरूक करने और उन्हें नकदी फसलों के फायदे बताने की जिम्मेदारी दी गई है। यह पूरी कार्ययोजना अगले 6 महीने में लागू की जाएगी। बैठक में मौजूद किसानों ने कलेक्टर की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि हम किसान रागी फसल को अपनाने के लिए उत्सुक हैं एवं आगामी दिनों में धान के अलावा मिलेट्स की खेती भी करेंगे। इस अवसर पर किसानों ने कलेक्टर को सुगंधित चावल भेंट किया।


