सरकारी स्कूल से पढ़े, आधा कच्चा-पक्का घर:मां को ब्रेन-हेमरेज, भाई के कहने पर जारी रखी पढ़ाई; JEE-MAIN में 98.55 परसेंटाइल मिले

सपने वो नहीं जो नींद में देखे जाएं, सपने वो हैं जो सोने न दें- यह कहावत बिहार के शेखपुरा के सुजीत माधव (19) पर बिल्कुल सटीक बैठती है। घर में मां दो साल से बीमार हैं। बड़ी-बड़ी कोचिंग की फीस तो दूर, दो वक्त की रोटी का भी संकट था। लेकिन बड़े भाई के एक वाक्य ने जिंदगी बदल दी। सुजीत के लिए यह सफर आसान नहीं था। 8 नवंबर 2023 को मां को ब्रेन हेमरेज हुआ और अप्रैल 2024 में यूट्रस का ऑपरेशन। मां से गहरा लगाव होने के कारण वह काफी परेशान रहा। कुछ दिनों के लिए घर गया, लेकिन बड़े भाई के समझाने पर वापस कोटा आकर पढ़ाई जारी रखी। इन सभी चुनौतियों के बावजूद सुजीत ने JEE-MAIN 2025 में 98.555 परसेंटाइल हासिल कर एक नई मिसाल कायम की। सरकारी स्कूल से पढ़ाई की​​​​, दिल में IIT का सपना, सुजीत माधव की कहानी… गांव से कोटा तक का सफर: सुजीत माधव ने बताया- मैं बिहार के शेखपुरा जिले के भदौस गांव का रहने वाला हूं। हमारा घर आधा कच्चा-आधा पक्का है। पिता चुनचुन कुमार खेती करते हैं और मां किरण देवी गृहिणी हैं। हम तीन भाई और एक बहन हैं, मैं सबसे छोटा हूं। सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है। रोज की कमाई से घर चलता है, कभी खेती से तो कभी मजदूरी से। मुझे कोटा भेजने के लिए मनाया: सुजीत माधव ने बताया- बड़े भाई रजनीश ने अपनी बीटेक बीच में छोड़कर मेरी और मृत्युंजय की पढ़ाई का सहारा बना। मैं घर पर घास काटने, गाय चराने जाता था। 8वीं में था तब 10वीं की ट्रिग्नोमेट्री सॉल्व कर लेता था। भाई ने यही देखकर पापा को मुझे कोटा भेजने के लिए मनाया। ब्याज पर पैसा उधार लेकर भेजा: सुजीत माधव ने बताया- बड़े भाई रजनीश के कहने पर 2023 में कोटा आया। पैसों की तंगी थी, पिता ने गांव में साहूकारों से ब्याज पर पैसा उधार लेकर भेजा। कोटा के लोग बहुत अच्छे और सपोर्टिव हैं। पिछले दो साल से जिस PG में रह रहा हूं, वहां मुश्किल से दो-तीन बार ही किराया दे पाया हूं। PG मालकिन का मिला सहयोग: सुजीत माधव से PG की संचालिका ने कहा – बेटा, तुम पढ़ाई करो, किराए की टेंशन मत लो। जब इंजीनियर बन जाओगे, तब बता देना, वही मेरा किराया है।’ कोचिंग ने भी 70 प्रतिशत तक फीस में छूट दी। दो-तीन साल से इसी तरह फीस दे रहा हूं। मां को ब्रेन हेमरेज हुआ: सुजीत माधव ने बताया- 8 नवंबर 2023 को मां को ब्रेन हेमरेज हुआ। मां से बहुत लगाव है, काफी परेशान हुआ। कुछ दिन घर गया, लेकिन 12वीं की परीक्षा थी, इसलिए भाई के समझाने पर वापस आ गया। फैकल्टी ने मोटिवेट किया। 12वीं में 81% और 10वीं में 85% अंक आए। JEE एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई किया: सुजीत माधव ने बताया- इस साल जेईई मेन के सेकंड अटेम्प्ट के दिन मां का यूट्रस ऑपरेशन था। 3 अप्रैल को एग्जाम से पहले मां से बात करने को कहा तो यह बात पता चली। सेंटर गया, लेकिन गेट बंद हो गया और एग्जाम नहीं दे पाया। पहले अटेम्प्ट में 98.555 परसेंटाइल आई, जिससे JEE एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई कर लिया। ——————— JEE-मेंस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… JEE-मेंस में कोटा के ओमप्रकाश ने किया टॉप:कहा- कंटेंट और कॉम्पिटिशन के लिए कोटा बेस्ट; 100 स्कोर करने वाले 7 स्टूडेंट्स भी राजस्थान के नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुक्रवार देर रात जेईई-मेंस अप्रैल सेशन के परिणाम के साथ ही ऑल इंडिया रैंक और एडवांस्ड की पात्रता जारी कर दी। कोटा में कोचिंग करने वाले ओमप्रकाश बेहरा ने ऑल इंडिया में पहली पॉजिशन हासिल की है। वे ओडिशा के रहने वाले हैं। वहीं, NTA ने 24 स्टूडेंट्स को 100 NTA स्कोरर घोषित किया गया। इनमें राजस्थान से सबसे ज्यादा 7 स्टूडेंट्स हैं। पढ़ें पूरी खबर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *