सावधान रहब रे देस के जवान…नृत्य व नागपुरी गीत से दी शहीद को श्रद्धांजलि

शहीद पांडेय गणपत राय स्मारक समिति ने सोमवार को शहीद चौक में पांडेय गणपत राय का 167वां शहादत दिवस समारोह मनाया। मुख्य अतिथि नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, केंद्रीय रक्षा राज मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, विधायक सीपी सिंह समेत अन्य अतिथियों ने शहीद की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। अध्यक्षता समिति की अध्यक्ष डॉ. वंदना राय ने की। उन्होंने कहा कि छोटानागपुर के वीर पांडेय गणपत राय ने अभूतपूर्व शौर्य प्रदर्शित कर अंग्रेजों की सत्ता को हिला दिया था। 21 अप्रैल 1858 को उन्हें इसी शहीद स्थल पर एक कदम के पेड़ पर फांसी दे दी गई थी। सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि दुख की बात है कि इतिहास में जो स्थान मिलना चाहिए था, वह हमारे वीर शहीदों को नहीं मिला। राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने लोहरदगा स्टेशन का नाम शहीद पांडेय गणपत राय के नाम से करने की बात कही थी, वह बिलकुल सही है। सबसे पहले हम अपनी धरती पर उन्हें सम्मान उपलब्ध कराएंगे। स्वतंत्रता सेनानियों का नाम अंकित करवायेंगे। मौके पर रांची विवि के कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, राजीव रंजन प्रसाद, आशुतोष तिवारी, अमन तिवारी, एसके शर्मा, राजकुमार महतो, रामनारायण सिंह, डॉ. राजेश कुमार लाल, जया राय, सत्या राय, संध्या रानी, पांडेय फनींद्रनाथ राय, पांडेय नीरज राय, संजय कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। 20 कलाकारों ने किया छऊ नृत्य, शहीद पर पुस्तक लिखने के लिए मिला सम्मान सिल्ली से आए 20 कलाकारों ने सुशील कुमार के नेतृत्व में महिषासुरमर्दिनी, गणेश शुभ विवाह की प्रस्तुति दी। विनय कुमार पांडेय ने शहीद पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक में 16 शहीदों की गाथा है, जिनमें शहीद पांडेय गणपत राय, रघुनाथ महतो, तिलका मांझी, तेलंगा खड़िया, पोटो सरदार, बुधू भगत, अर्जुन सिंह, गोनो पिंगुआ, नीलांबर पीतांबर, बिरसा मुंडा आदि की गाथा है। इस पुस्तक के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। 24 कलाकारों ने गीत प्रस्तुत किए कला-संस्कृति विभाग की ओर से 24 कलाकारों की टीम ने गायन व नृत्य की प्रस्तुति दी। कलाकार व संगीतकार रतन लोहरा व संगीतकार फूलमणि देवी के नेतृत्व में सभी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। नागपुरी गीत सावधान रहब रे देस के जवान…गीत को पेश किया। इटकी के दल ने नृत्य-झूमर पेश किए। क्रांति को भुलाया नहीं जा सकता अखिल भारतीय शहीद स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकांत झा ने कहा कि 1858 की क्रांति को भुलाया नहीं जा सकता है। शहीद पांडेय गणपत राय ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। उस समय उनका पता बताने वालों को 500 रुपए इनाम की घोषणा की गई थी। शहीद के सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होंगी : जयदीप वंदे मातरम् के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पांचवीं जेनरेशन के जयदीप चट्टोपाध्याय कोलकाता से आए थे। उन्होंने शहीद के जीवन पर अपने विचार रखे। कहा कि उनके सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धांजलि। वे हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। वंदे मातरम् का राग छेड़ते ही तालियों की गड़गड़ाहट कोलकाता से आईं स्वतंत्रता सेनानी की पड़पोती व शहीद स्वतंत्रता सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद बंगाल की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, डॉ. दीपा दास ने नजरुल इस्लाम के गीतों को हिंदी समेत कई भाषाओं में गाकर श्रद्धांजलि दी। उन्हें समिति की ओर से सम्मानित किया गया। उन्होंने वंदे मातरम् पूरे सुर में गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिर स्वदेशी संगीत गांव सब भारत का प्यार… को मीठे सुर में पेश किया। श्रद्धांजलि देतीं पड़पोती वंदना राय। सिल्ली से आई छऊ टीम ने सुशील कुमार के नेतृत्व में महिषासुरमर्दिनी की प्रस्तुति दी।

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