भास्कर न्यूज |गुमला जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो सड़क हादसों में बिलिवर्ष ईस्टर्न चर्च के डायोसिस विकार पादरी समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दोनों घटनाओं में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज हेतु रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। दोनों का रिम्स में इलाज जारी है। दोनों घायलों में एक पादरी की पत्नी है। रिम्स में पादरी की पत्नी को आईसीयू में रखा गया है। उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। पहली घटना सदर थाना क्षेत्र से सटे पुग्गू घांसी टोली स्थित मुख्य सड़क पर का है। जहां एक स्कूटी व बाइक के बीच हुए सीधी भिड़ंत में बिलिवर्ष ईस्टर्न चर्च के डायोसिस विकार 51 वर्षीय रेवरेन फादर सोमनाथ होंगहांगा की दुखद मौत हो गई, जबकि इस घटना में उनकी पत्नी ज्योति होंगहांगा गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसे स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज के लिए देर रात को सदर अस्पताल लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। इधर, इस घटना में स्कूटी सवार करंज टोली बस्ती निवासी अनमोल लकड़ा की भी मौत हो गई, जबकि स्कूटी में उसके साथ सवार उसकी प्रेमिका कंचन बाड़ा गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से कंचन को भी इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे भी बेहतर इलाज हेतु रिम्स रेफर कर दिया गया। बताया जाता है कि अनमोल दसवीं क्लास का छात्र था। जबकि कंचन 9 वीं क्लास की छात्रा है। इधर, फादर व अनमोल के शव को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया। फादर के शव को उनके परिजन पैतृक गांव पश्चमी सिंहभूम ले गए। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भास्कर न्यूज|गुमला कृषि विज्ञान केंद्र व विकास भारती बिशनपुर द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अध्यक्षता विकास भारती बिशनपुर के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने की। उन्होंने बताया कि हर वर्ष 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना और पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए लोगों को प्रेरित करना है। यह दिवस पहली बार 1970 में अमेरिका में मनाया गया था और तब से यह एक वैश्विक आंदोलन बन गया है, जिसमें अब 190 से अधिक देश भाग लेते हैं। पृथ्वी, हमारी एकमात्र जीवनदायिनी ग्रह है, जहां जल, वायु, भूमि और जैव विविधता का अद्भुत संतुलन है। लेकिन पिछले कुछ दशकों में मानव गतिविधियों जैसे कि वनों की कटाई, औद्योगिकीकरण, प्लास्टिक प्रदूषण, जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक उपयोग और जलवायु परिवर्तन ने इस संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इन कारणों से ग्लोबल वार्मिंग, समुद्र स्तर में वृद्धि, प्राकृतिक आपदाओं और जैव विविधता में कमी जैसे खतरे उत्पन्न हो रहे हैं। इस पृथ्वी दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अटल बिहारी तिवारी ने बताया कि पृथ्वी दिवस हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति केवल उपयोग की वस्तु नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का आधार है। इस दिन हम पौधारोपण, सफाई अभियान, पर्यावरणीय शिक्षा कार्यक्रम और प्लास्टिक मुक्त गतिविधियों जैसे कदम उठा सकते हैं। साथ ही हमें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाने की जरूरत है जैसे पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं का प्रयोग, ऊर्जा की बचत, जल संरक्षण, और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाना। साथ ही साथ उन्होंने बताया कि हम प्राकृतिक खेती एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग के माध्यम से भी हम अपनी पृथ्वी को नष्ट होने से बचा सकते हैं। साथ ही साथ इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक सुनील कुमार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण अहम भूमिका निभा रहा है जिससे मृदा संरक्षण के साथ-साथ हमें मृदा में कार्बन की मात्रा को बढ़ाने में सफलता मिल रही है। इस कार्यक्रम में कार्तिक, शनि उरांव, रमेश उरांव के साथ-साथ 40 किसानों ने भाग लिया। भास्कर न्यूज|गुमला गुमला में माप तौल विभाग निष्क्रिय हो गया है। जिस कारण व्यापारियों को परेशानी हो रही है। व्यापारी यदि किसी काम से जाते भी हैं, तो कार्यालय में ताला लटका देख लौट जाते हैं। व्यापारियों की शिकायत पर चैंबर अध्यक्ष राजेश सिंह व पूर्व अध्यक्ष सरजू साहू भी मंगलवार को कार्यालय गए, तो स्थिति वही थी। जिससे नाराज होकर अध्यक्ष ने इसकी लिखित शिकायत उपायुक्त और संबंधित विभाग में करने की बात कही है। राजेश व सरजू ने कहा कि मार्च महीने के पहले सप्ताह से ही चैंबर के पदाधिकारी विभाग द्वारा कैंप लगाकर व्यापारियों का लाइसेंस रिन्युअल कराने की मांग कर रहे थे। मगर लगातार विभाग द्वारा टालमटोल किया जाता रहा। इधर गुमला के व्यापारी जिनका संबंध माप तोल विभाग से रहा है। जिनके लाइसेंस का रिन्युअल होना है। वे लोग विभाग से संपर्क करना चाह रहे थे। किंतु जिला मुख्यालय में विभाग का कार्यालय होते हुए भी संपर्क नहीं हो पाता है। समय से रिन्युअल नहीं होने पर विभाग द्वारा पेनल्टी भी लिया जाता है, लेकिन विभाग कार्यालय में ताला लगाकर कुंभकरण की तरह नींद का आनंद ले रहे हैं। इधर व्यापारी गर्मी में तेज धूप के बीच कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। उपायुक्त से अनुरोध है कि मामले में कार्रवाई करें। लिखित शिकायत के माध्यम से भी डीसी व संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग की जाएगी।


