कोटा की अनुश्री ने चौथे अटेम्प्ट में सिविल सर्विसेज का एग्जाम क्लियर किया है। उनकी 220वीं रैंक बनी है। UPSC से पहले उन्होंने IIT मुंबई से ग्रेजुएट किया है। UPSC का रिजल्ट आने के बाद भास्कर ने अनुश्री से बात की। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान कोटा में स्टूडेंट की कम होने वाली संख्या और मैं कलेक्टर होती तो सुसाइड रोकने के लिए क्या कदम उठाती जैसे सवाल किए गए थे। पढ़िए अनुश्री से इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवाल और उन्होंने क्या जवाब दिया… अनुश्री ने बताया- 17 जनवरी को उनका इंटरव्यू हुआ था। चेयरपर्सन सुमन शर्मा मेम थी। मैं कोटा की रहने वाली हूं तो उन्होंने कोटा से रिलेटेड सवाल पूछे थे। सवाल- कोटा में बच्चे (स्टूडेंट्स) कम क्यों हो रहे है? अगर आप कोटा कलेक्टर होती तो सुसाइड रोकने के लिए क्या स्टेप लेती? जवाब- सुसाइड की वजह बच्चों का डिमोटिवेट होना हैं। वो नहीं आना चाहते। पेरेंट्स भी डरते है कि कहीं बच्चा कोई गलत कदम न उठा लें। वहीं कोविड के समय ऑन लाइन क्लासेज का प्रचलन चला था। लोगों को लगा कि जब ऑन लाइन कोचिंग मिल रही है तो क्यों दूसरे शहर में जाकर खर्चा करें। अगर मैं कोटा कलेक्टर होती तो हर संडे होने वाले टेस्ट को बंद कर देती। ताकि बच्चों को एक दिन का रेस्ट मिल सकें। वो इंजॉय कर पाए। कोचिंग में योगा और मेडिटेशन की वर्कशॉप कम्पल्सरी हो। बच्चों की रैंक सार्वजनिक न हो। एग्जाम का करिकुलम चेंज करें। मसलन जेईई/नीट के सिलेबस स्कूल में पढ़ाए जाने वाले सिलेबस मैच होना चाहिए। सवाल- सरकारों की ओर से चलाई जाने वाली DBT स्कीम (लाडली बहना योजना) चलनी चाहिए या नहीं। क्योंकि आजकल सभी राजनीतिक पार्टियां ऐसी योजना लॉन्च कर रही हैं। जवाब- ये शार्ट टर्म के लिए तो ठीक हैं। लॉन्ग टर्म के लिए सही नहीं हैं। लोगों को बिना काम के पैसा मिलेगा तो लोग काम क्यूं करेंगे। सवाल- 10वीं के बाद कैमेस्ट्री कम्पल्सरी पढ़ानी चाहिए क्या?
जवाब- 10वीं तक तो कम्पल्सरी होता है, जिसमें बेसिक कवर हो जाता है। इसके बाद लेवल बढ़ जाता है। आगे अगर किसी का इंटरेस्ट नहीं है तो जबरदस्ती पढ़ाना ठीक नहीं है। अनुश्री ने बताया कि वो स्पेनिश गाने सुनती है। उनसे स्पेनिश सिंगर का नाम भी पूछा गया था।


