रीट पेपर लीक सरगना की 1.23 करोड़ की प्रॉपर्टी सील:ED ने 1.3 हेक्टेयर जमीन कब्जे में ली, परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाए थे

राजस्थान में करीब साढ़े तीन साल पहले (26 सितंबर 2021) हुए रीट पेपर लीक मामले में मुख्य सरगना की प्रॉपर्टी सील की गई है। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामकृपाल मीणा की उसके गांव में 1.3 हेक्टेयर जमीन को कब्जे में लिया। इसकी कीमत DLC रेट के अनुसार करीब 1.23 करोड़ रुपए है। बाजार भाव 10 करोड़ के पार है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। वर्तमान में रामकृपाल जेल में है। 26.59 लाख की चल-अचल संपत्ति हो चुकी है कुर्क
मंगलवार को ED की टीम अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील के खोहरा गांव पहुंची। यहां पेपर लीक के मास्टरमाइंड रामकृपाल मीणा की जमीन पर अपना बोर्ड लगाया। करीब 7 महीने पहले भी ईडी ने पेपर लीक के मुख्य आरोपी प्रदीप पाराशर और रामकृपाल मीणा की प्रॉपर्टी की कुर्की की थी। इनके पास करीब 26.59 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति मिली थी। आरोप है कि काली कमाई से माफिया ने ये संपत्ति बनाई थी। 131 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है
SOG ने REET पेपर लीक मामले में अब तक मुख्य आरोपी रामकृपाल मीणा और प्रदीप पाराशर सहित 131 आरोपियों को अरेस्ट किया है। रामकृपाल की गिरफ्तारी के बाद SOG ने ED को कार्रवाई के लिए फाइल भेजी थी। ईडी ने सितम्बर 2024 में रामकृपाल और प्रदीप पाराशर के चार बैंक खातों को फ्रीज किए थे। इन खातों में करीब 10 लाख 89 हजार रुपए जमा हैं। फरवरी 2022 में रामकृपाल की गोपालपुरा बाइपास स्थित स्कूल और कॉलेज की तीन मंजिला बिल्डिंग को भी जेडीए ने गिरा दिया था। पाराशर ने दिया था रामकृपाल को पेपर
पेपर लीक के मुख्य सरगना प्रदीप पाराशर को REET का जयपुर जिला कोर्डिनेटर बनाया गया था। जयपुर के स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर लीक में प्रदीप पाराशर की भूमिका सामने आई थी। SOG ने प्रदीप पाराशर को 30 जनवरी 2022 को गिरफ्तार किया था। SOG जांच में सामने आया कि प्रदीप पाराशर के जरिए ही रामकृपाल मीणा को पेपर मिला था। इसने अपने नेटवर्क के जरिए कई अभ्यर्थियों को पेपर पढ़वाया था। स्ट्रॉन्ग रूम से लीक हुआ था पेपर
एसओजी ने खुलासा किया था कि जयपुर शिक्षा संकुल के स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर लीक हुआ था। इसी के बाद से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहे डीपी जारौली और उनके दोस्त प्रदीप पाराशर दोनों शक के घेरे में आए थे। एसओजी की जांच में खुलासा हुआ था कि पेपर 1.25 करोड़ रुपए में बेचा गया। पेपर स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर कोचिंग संचालकों और नकल गिरोह तक पहुंचाया गया। यह भी सामने आया कि J-सीरीज का पेपर स्ट्रॉन्ग रूम से लीक किया गया और अलग-अलग सेंटर पर बांटा गया। पेपर जयपुर, जालोर, सिरोही, टोंक, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, दौसा, करौली सहित कई जगहों पर पहुंचाया गया। नकल गिरोह ने परीक्षा से पहले करीब 50 सेंटर पर पेपर पहुंचाया था।

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