झालावाड़ के खानपुर उपखंड में स्थित परवन बांध का जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने आज दौरा किया। उन्होंने बांध की टनल और नहरों का निरीक्षण किया। इस दौरान सांसद दुष्यंत सिंह और अन्य भाजपा नेता भी मौजूद रहे। मंत्री रावत ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डूब क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। झालावाड़-बारां के किसानों ने मंत्री से मुलाकात की। ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों को जोड़ा जाए और उचित मुआवजा दिया जाए। मंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी का नुकसान नहीं होगा। 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से कहा की परवन वृहद सिंचाई परियोजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इस परियोजना के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभ मिले। इस परियोजना से बारां, झालावाड़ व कोटा के लगभग 2 लाख हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना बड़े स्तर की है इसलिए समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि बांध एवं टनल निर्माण कार्य की व्यापक मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रत्येक 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। देश की सबसे लंबी टनल यहां बांध पर बनी यह देश की सबसे लंबी वाटर टनल है, यह 8.708 किमी लम्बी 8 मीटर चौड़ी टनल है। इस टनल के बनने से 3 जिले झालावाड़-बांरा-कोटा जिले के 2.01 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, साथ ही 637 गांवों को सिचाई के लिए पानी मिलेगा और 1821 गांवों को पेयजल के लिए पानी की व्यवस्था, इस टनल से होगी। परवन बांध भी यहां बन रहा है, जिसका कार्य विभाग के अनुसार 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है, इसमें 15 गेट लगेंगे जिसमे 11 गेट लग गए है, बाकी गेट भी लगने के बाद बांध का पानी इस टनल में जायेगा। डेम की भराव क्षमता 490 मिलियन क्यूसिक मीटर है और लम्बाई 392.38 मीटर ऊंचाई 38 मीटर है और इस क्षेत्र में 25 किलोमीटर में पानी भरेगा। वाटर टनल दोनों ओर खुल गई है और इसका एक सिरा झालावाड़ जिले के अकावद से शुरू होकर दूसरा सिरा बारां जिले के गुदलई में खुल गया है, टनल का कार्य पूर्ण हो गया है। सिर्फ मुख्य द्वार पर गेट लगना बाकी है, साथ ही बांध का कार्य भी 90 पूरा हो गया शेष कार्य जल्द पूर्ण होने की संभावना है। इस दौरान ग्रामीणों ने बांध से संबंधित अपनी मांगों को लेकर विभागीय कैम्प कार्यालय में नाराजगी भी जताई, इस पर आश्वस्त करने पर मामला शांत हुआ। कार्यक्रम में मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, डग विधायक कालू राम मेघवाल, छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंधवी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। जिला कलेक्टर झालावाड़ अजय सिंह राठौड़, बारां कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर भी उपस्थित रहे। जल संसाधन विभाग कोटा संभाग के मुख्य अभियंता डी.आर. मीणा और परवन परियोजना के अधीक्षण अभियंता अजीत जैन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।


