सिटी रिपोर्टर । जमशेदपुर लौहनगरी बुधवार को ‘जय भामाशाह’ के नारों से गूंज उठी। मौका था महादानवीर भामाशाह की 478वीं जयंती का। इसे अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा पूर्वी सिंहभूम जिला कमेटी ने राष्ट्र गौरव दिवस के रूप में ऐतिहासिक तरीके से मनाया। सुबह एिग्रको ट्रांसपोर्ट मैदान से जिलाध्यक्ष राकेश साहू के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो एिग्रको सिग्नल, भालूबासा रोड, साकची गोलचक्कर होते हुए एमजीएम गोलचक्कर स्थित भामाशाह चौक पहुंची। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भालूबासा चौक पर आकाश जयसवाल के नेतृत्व में फल वितरण किया गया और राकेश साहू को सम्मानित किया गया। चौक पर पहुंचते ही भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। दिनभर चले आयोजन में हजारों लोगों के बीच शीतल जल, शरबत, हलवा व खिचड़ी का वितरण किया गया। जिलाध्यक्ष राकेश साहू ने कहा कि भामाशाह जैसे महापुरुषों के बलिदान से ही देश का स्वाभिमान बचा है। हल्दीघाटी युद्ध के आयोजन को सफल बनाने में महामंत्री पप्पू साहू, क्षेत्रीय अध्यक्ष संतोष गुप्ता, सरायकेला-खरसावां जिलाध्यक्ष गोपाल साहू, वरीय उपाध्यक्ष शिवलोचन साह, रंजीत कुमार साव, जिला सचिव अशोक साह, कृष्ण देव प्रसाद, वीरेंद्र साहू, राजेश साहू, प्रेम दास, अजय शाह, अमन साहू, राजू साहू, अमित आदि। महादानवीर भामाशाह जयंती समारोह के अंत में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। मंच पर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीरों को नमन किया। श्रद्धांजलि के इस क्षण में राष्ट्रभक्ति के स्वर गूंज उठे और माहौल गंभीर हो गया। समय उन्होंने महाराणा प्रताप को तन, मन और धन से जो सहयोग दिया, वह इतिहास में अमर है। कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि जब देश संकट में था, तब भामाशाह आगे बढ़े और सब कुछ दान कर दिया।


