धमतरी | जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन जेआईसीई-2025 में धमतरी के लेखक अमीर हाशमी ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) पर रिसर्च प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सीएसआर की प्रभावी संचार रणनीतियां शिक्षक प्रशिक्षण को व्यापक, सशक्त और समुदायोन्मुख बना सकती हैं। उन्होंने यह रिसर्च साल 2022 से छत्तीसगढ़ और झारखंड के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में रहकर सतत प्रेक्षण विधि से किया। उन्होंने कहा कि सीएसआर पहलों को समावेशी शिक्षा, डिजिटल दक्षता और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार ढालना जरूरी है। स्थानीय भाषाएं, सांस्कृतिक पहचान और समुदाय की शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को शामिल कर सीएसआर परियोजनाएं अधिक असरदार बन सकती हैं। सम्मेलन में जामिया के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ, प्रोफेसर जैसी अब्राहम, डॉ. इरम खान, प्रोफेसर सरोज शर्मा, लेफ्टिनेंट कमांडर विनोद सिंह यादव शोध की सराहना की।


