भास्कर न्यूज| महासमुंद जल अभावग्रस्त घोषित होने के बाद भी करणी कृपा स्टील व पावर प्राइवेट लिमिटेड खैरझिटी, कौंवाझर (तुमगांव) ने अपने उद्योग के लिए माइंस बोर के माध्यम से लाखों गैलन पानी प्रति घंटे अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए भूमि के नीचे से निकालकर कर क्षेत्र के मानव जीवन, पशु जीवन को संकट में डाल दिया। भूमि के नीचे से पानी लेना तत्काल प्रतिबंध करवाने किसान मोर्चा ने मंगलवार को जन दर्शन में पहुंच कर कलेक्टर को आवेदन सौंपा। प्रभारी सत्याग्रह आंदोलन प्रभारी अशोक कश्यप ने बताया कि जिला प्रशासन ने जिले को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया है। किसानों को, आम नागरिकों को, सामाजिक संस्थाओं को बोर करना प्रतिबंधित है। जिला दंडाधिकारी अपने अधिकार का उपयोग करते हुए उद्योग को तत्काल बोर से पानी लेने प्रतिबंधित करने को कहा। यह ग्राम पंचायत के नव निर्वाचित पंच, सरपंच, किसान, आम नागरिक आग्रह करते हैं। इस पर तत्काल प्रतिबंध किया जाए। साथ ही प्रदूषण के कारण अवैध उद्योग का संचालन तत्काल बंद कराए जाने को कहा गया। इस मांगो को लेकर आज किसान मोर्चा कलेक्टर कार्यालय जनदर्शन में पहुंचा। जिस पर जिलाधीश ने तीन दिन में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, प्रदूषण विभाग को जांच कर कार्यवाही करने का आदेश दिया। इस मौके पर कुंजलाल चेलक, टिकेलाल जलक्षत्री, वेदराम जांगड़े, डेविड चंद्राकार, नाथूराम सिन्हा, राधेश्याम साहू, डोमार व अन्य रहे।


