गोरमी के कृपे का पुरा गांव में लगाए गए नेत्र शिविर में 9 वृद्धों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में सीएमएचओ की टीम ने जांच शुरू कर दी है। जिला अंधत्व निवारण समिति के प्रबंधक व वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गजराज सिंह गुर्जर के नेतृत्व वाली टीम ने गुरुवार को कालरा हॉस्पिटल के ऑपरेशन थियेटर का कल्चर टेस्ट के लिए सैंपल लिया था। उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। जांच कमेटी को कल्चर रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद भी स्पष्ट हो सकेगा कि मरीजों को संक्रमण कैसे हुआ? उधर भिंड से आए गए सभी 6 मरीजों का जेएएच में इलाज चल रहा है। गोरमी के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल परिसर में 9 दिसंबर को ग्वालियर के कालरा हॉस्पिटल को संचालित करने वाली समिति के तत्वावधान में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में गोरमी के ही पास स्थित चपरा, डोंगरपुरा, कृपे का पुरा, ऐंहतार गांव सहित अन्य गांवों के मरीजों को चिह्नित कर मोतियाबिंद का ऑपरेशन कालरा हॉस्पिटल में किया गया था। ऑपरेशन के बाद से ही 9 मरीजों को दिखना कम हो गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव द्वारा जांच कमेटी गठित कर दी गई है। साथ ही अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील करते हुए कल्चर जांच के लिए नमूने भी गजराराजा मेडिकल कॉलेज को भेजा गया है,जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। कल्चर की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं ऑपरेशन थिएटर में तो संक्रमण नहीं था, जिससे मरीजों की आंखों में संक्रमण फैला। उधर न्यू जेएएच के नेत्र विभाग में भिंड से आए 6 मरीजों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की आंखों में फैले संक्रमण को रोकने के लिए दवाएं दी जा रही हैं। जेएएच जाकर टीम आज लेगी मरीजों के बयान जिला अंधत्व निवारण समिति के प्रबंधक व वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गजराज सिंह गुर्जर ने बताया कि भिंड से जो मरीज ग्वालियर आए गए हैं कमेटी उनके बयान लेने रविवार को न्यू जेएएच जाएगी। कल्चर रिपोर्ट संभवत:सोमवार को आ जाएगी।


