पांच सुसाइड:गेम डिजाइनिंग के छात्र ने लगाई फांसी, सट्टे के कर्ज में डूबे युवक ने भी दी जान

शहर में 24 घंटे के अंदर 5 युवाओं ने आत्महत्या कर ली। इसमें 11वीं की छात्रा, सेना के लांस नायक का बेटा, एक किशोरी, एक नर्स और एक युवक शामिल है। गेम डिजाइनिंग की पढ़ाई करने आए सेना के अफसर के बेटे की आत्महत्या का कारण समझ नहीं आ रहा है। विजय नगर पुलिस के मुताबिक स्कीम-74 स्थित एक होस्टल में रहने वाले ओम (20) पिता घनश्याम विश्वकर्मा ने शुक्रवार रात फांसी लगा ली। उसका परिवार भोपाल की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में रहता है, वहीं पिता सिकंदराबाद में फौज में लांस नायक हैं। वे अगले दिन इंदौर पहुंचे। 18 दिसंबर को ही उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी तब उसने कोई परेशानी नहीं बताई। बेटा एक निजी कॉलेज में गेम डिजाइनिंग की पढ़ाई के थर्ड ईयर में था। शुक्रवार को उसने रूम नहीं खोला तो वार्डन ने पुलिस को सूचना दी। उसके पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उधर, भंवरकुआं इलाके के कौशल्यापुरी ​निवासी स्टाफ नर्स साइना (28) पिता अश्फाक खान ने इंजेक्शन लगाकर अपनी जान दे दी। शाम को साइन ने फोन नहीं उठाया तो बहन घर पहुंची। साइना कमरे में कंबल में​ मृत मिली।
मोबाइल पर होमवर्क आने का बोल स्कूल नहीं गई उधर, आजाद नगर के इदरीश नगर में विधि (17) पिता अनिल सोलंकी ने शुक्रवार को फांसी लगा ली। विधि ने मां को कहा था कि वाट्सएप पर स्कूल का होमवर्क आया है तो मैं स्कूल नहीं जाऊंगी। माता-पिता अपने काम पर चले गए। घर में 10 साल का छोटा भाई था। इस बीच विधि ने आत्महत्या कर ली। भाई ने देखा तो आसपास के लोगों को सूचना दी फिर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। किशोरी ने जान दी, 4 घंटे बाद पहुंची फॉरेंसिक टीम वहीं, तेजाजी नगर के असरावद खुर्द में रहने वाली अंतिम अलावा (17) ने शनिवार सुबह फांसी लगा ली। परिजन ने सुबह 10 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी। 1 घंटे बाद पुलिस पहुंची फिर 4 घंटे बाद फॉरेंसिक टीम पहुंची। इसे लेकर परिजन आक्रोशित हो गए। शाम 5.30 बजे उसका शव पीएम होकर घर पहुंचाया। इसकी आत्महत्या का कारण भी पता नहीं चला है। पुलिस ने उसका शव लोडिंग वाहन में पहुंचाया, इसे लेकर भी लोग आक्रोशित थे। एक बार परिवार ने कर्ज उतार दिया था, समझाया भी था इसी तरह एरोड्रम के कालानी नगर में दीपेश (29) पिता किशोर पालीवाल ने शुक्रवार को जहर खाकर जान दे दी। वह एक कपड़ा दुकान में अकाउंटेंट था। रिश्तेदारों ने बताया कि उसे क्रिकेट और अन्य सट्टे की लत थी। एक बार तो परिवार ने उसका कर्ज उतारकर समझाया भी था, लेकिन वह फिर सट्टा खेलने लगा। उसके पिता प्रॉपर्टी का काम करते हैं, जबकि भाई कॉलेज में लेक्चरर है।

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