मध्य प्रदेश में समान काम के बाद भी संविदा आउटसोर्स कर्मचारियों को समान वेतन नहीं मिल रहा है। ये सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत काम करने वाले हैं। एनएचएम संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि असमान वेतन दिया जाना सरकार के निर्धारित मानकों का उल्लंघन है। हालांकि 13 अगस्त 2019 को जारी आदेश में अर्धकुशल श्रमिकों को 11,082 रुपए मासिक वेतन देने का प्रावधान है। बावजूद इसके, कई जिलों में कर्मचारियों को महज 5,500 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमएचओ और आउटसोर्स एजेंसियों की मिलीभगत से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। संघ ने मांग की है कि प्रमुख सचिव के वर्ष 2019 में जारी आदेश के अनुसार सभी कर्मचारियों को समान वेतन दिया जाए। स्थिति ये हैं कि एक समान काम के लिए अलग-अलग जिलों में अलग-अलग वेतन दिया जा रहा हैं। सागर, सतना, उमरिया, भिंड और सीधी जैसे कई जिले इसकी मिसाल है। इन जिलों में संविदा कर्मचारियों को महज 5500 रुपए प्रति माह वेतन मिल रहा है। वहीं, कुछ जिलों में यह राशि 7,000 से 9,000 रुपए के बीच है।


