रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर खतरा बरकरार:एक्सपर्ट बोले- बाघिन सुल्ताना शावकों को जन्म देने के बाद होगी एग्रेसिव

सात वर्षीय बालक कार्तिक की बाघिन ऐरोहेड के फिमेल शावक के हमले में मौत के बाद लंबी बहस शुरू हो गई थी। इसे लेकर यहां विरोध प्रदर्शन भी हुए। इसी बीच रणथम्भौर की बाघिन सुल्ताना के तीन शावकों के जन्म देने की खबरें सामने आई है। हालांकि वन विभाग की ओर फोटो वीडियो सामने नहीं आने से बाघिन के शावकों को जन्म देने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अगर इसकी पुष्टि होती है तो यह एक चिंता का सबब बन सकता है। फिलहाल रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर अब तक 14 बाघ, बाघिन और शावकों का मूवमेंट है। जिसमें बाघिन सुल्ताना के तीन नए शावकों को और जोड़ दिया जाए‌ तो इसकी संख्या 17 हो जाती है, जो आने वाले समय में बड़ा खतरा बनेगी। एक्सपर्ट व्यू.. वन्यजीव विशेषज्ञ दौलत सिंह की मानें तो रणथम्भौर त्रिनेत्र मार्ग के नाम से जाने वाली यह सड़क CTH (क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट) में आती है। जहां अब बाघिन सुल्ताना और शावक और होंगे। बाघिन सुल्ताना का बिहेवियर शुरू से एग्रेसिव रहा है। पूर्व में बाघिन जिप्सी और वनकर्मियों पर भी चार्ज कर चुकी है। जिसके चलते वन विभाग की ओर रणथम्भौर के जोन नंबर एक में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी। अब बाघिन के शावकों को जन्म देने के बाद खतरा ज्यादा होगा। अमूमन बाघिन जब अपने छोटे शावकों के साथ‌ होती है तो आस पास के करीब आधा से एक किलोमीटर के इलाके में किसी का हस्तक्षेप नहीं चाहती है। जिसके चलते यहां आने वाले समय में खतरा बढ़ने की संभावना है। मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने वन्यजीव विशेषज्ञों से बातचीत कर इस खतरे की संभावनाओं को तलाशने की कोशिश की। रणथम्भौर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर सात वर्षीय बालक कार्तिक सुमन की बाघिन के हमले में मौत हो गई थी। जिसके बाद वन विभाग की ओर से इस मार्ग पर प्रवेश पर रोक लगा दी थी। अब इसी मार्ग पर बाघिन‌ टी-107 सुल्ताना ने शावकों को जन्म दिया है। ऐसे तीन माह तक जब बाघिन शावकों को दूसरी जगह‌ शिफ्ट नहीं करती है। ऐसे में यहां खतरा बना हुआ है। वहीं वन विभाग की ओर से त्रिनेत्र गणेश मंदिर में प्रवेश पर रोक भी लगाई है। जिसका विरोध भी हो रहा है। अब ऐसे अगर वन विभाग की ओर से त्रिनेत्र गणेश मंदिर में प्रवेश शुरू किया जाता है तो फिर कोई अनहोनी का खतरा बना हुआ है। शावकों को जन्म देने वाली जगह मानव हस्तक्षेप मामले को लेकर रिटायर्ड DFO दौलत सिंह शक्तावत का कहना है कि अमूमन बाघिन शावकों को ऐसे इलाके में जन्म देती है जहां मानव नहीं पहुंच सकता है‌। बाघिन शावकों को गुफा के भीतर जन्म देती है। बाघिन सुल्ताना ने शावकों को मिश्रदर्रा गेट के पास जन्म दिया‌ है। इस इलाके में मानव का हस्तक्षेप बना रहा है। ऐसे में खतरा बना हुआ है। वहीं बाघिन सुल्ताना का बचपन से ही बिहेवियर एग्रेसिव रहा है। इसलिए बाघिन सुल्ताना के मामले में खतरा बराबर बना हुआ है। बाघिन सुल्ताना के मां बनने की संभावना:टी-107 ने मिश्रदर्रा गेट की गुफा में जमाया डेरा, फोटो-वीडियो आने पर होगी पुष्टि त्रिनेत्र गणेश मंदिर में प्रवेश पर रोक का हुआ विरोध:प्रवेश जल्द शुरू करने की मांग लेकर गणेश धाम गेट पर धरने पर बैठे श्रद्धालु जिस बाघिन ने बच्चे को मारा,पहले भी कर चुकी हमला’:एक्सपर्ट बोले- हर कदम पर खतरा; जहां 14 टाइगर घूम रहे, वहीं से गुजरते हैं श्रद्धालु रणथंभौर में 7-साल के बच्चे को टाइगर ने मार डाला:गर्दन पर पंजा रखकर जंगल में बैठा रहा; त्रिनेत्र गणेश के दर्शन करने आया था परिवार

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