उसने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दे दी। मैंने बस इतना सुना, वहां जो व्यक्ति थे वो बहुत कम उम्र के थे। उन्होंने मेरे मिस्टर के पास बंदूक लगाकर बोला कि कलमा पढ़ो। मेरे मिस्टर ने कहा कि मैं तो क्रिश्चियन हूं, मुझे कलमा पढ़ना नहीं आता। मेरे पति ने बस इतना बोला ही था कि उनको धक्का दिया और बंदूक से गोली मार दी सीने पर। गोली लगते ही मेरे मिस्टर… मेरे मिस्टर इतना कहने के बाद जेनिफर का गला रुंध गया और शब्द जबां तक आते-आते रुक गए। जेनिफर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए इंदौर के एलआईसी अफसर सुशील नथानियल की पत्नी हैं। सुशील का शव बुधवार रात इंदौर लाया गया। जेनिफर ने देर रात दैनिक भास्कर से कहा, आप आए इसके लिए शुक्रिया, पर मैं मेरे पति को जैसे ले गई थी वैसे लेकर नहीं आ पाई। मेरी जान बचाने के लिए उन्होंने अपने सीने पर गोली खाई। आतंकियों ने मंगलवार दोपहर करीब 2.45 बजे पहलगाम की बैसारन घाटी में पर्यटकों पर फायरिंग की, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में इटली और इजराइल का एक-एक पर्यटक और 2 स्थानीय नागरिक शामिल हैं। बाकी पर्यटक मध्यप्रदेश गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के हैं। सुशील की पत्नी जेनिफर सदमे में हैं, उनकी तस्वीरें… आतंकियों को उन्हीं की तरह सजा मिलना चाहिए
सुशील की पत्नी जेनिफर ने कहा कि आतंकियों ने जैसे दूसरों को मारा, उन्हें भी उसी तरह सजा मिले। ऐसी सजा नहीं होना चाहिए कि उन्हें जेल में रखो, फिर फांसी दो, ये नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि आतंकी लोगों को मारने के बाद फोटो-वीडियो बना रहे थे। वे तीन थे, वे आपस में भी एक-दूसरे के फोटो खींच रहे थे। 40-50 गोलियां चलीं। सब तरफ फट-फट की आवाज आ रही थी। वो इतना बड़ा एरिया था, वहां फौज होना थी। कश्मीर को इतनी मुश्किल से अपना बना पाए, लेकिन वहां सुरक्षा नहीं थी। ऐसा लगा कि रोपवे की रस्सी टूटी होगी
जेनिफर ने कहा- मैं और मेरे पति वॉशरूम के लिए गए थे। अंदर हमें धप्प की आवाज आई। हमें लगा कि रोपवे की रस्सी टूटी होगी। हमने पीछे मुड़कर देखा तो पहली गोली जिसे मारी थी, वह नीचे पड़ा था। खून से लथपथ। उसके पास बैठी लड़की कह रही थी मुझे भी मार दो। दूर से हमें इतना ही सुनाई दिया। इसके बाद तो आतंकवादी जहां जा रहे थे वहां लोगों को गोली मार रहे थे। हमें कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। वे ग्राउंड में थे और हम वॉशरूम में। वॉशरूम ग्राउंड से कुछ ऊंचाई पर है। सब इधर-उधर छुप रहे थे, दौड़ रहे थे। हम लोग भी वॉशरूम के पीछे छिप गए थे। आतंकी कैसे पीछे आ गए समझ नहीं आया
जेनिफर ने बताया कि हम 27-28 लोग थे, जो वॉशरूम के पीछे बनी फेंसिंग के नीचे से निकलकर भागने लगे। तभी दो आतंकी कैसे हमारे पीछे आ गए हमें कुछ समझ नहीं आया। मैंने सभी से कहा कि यहां से भागो। भीड़ ने कहा कि सभी अलग-अलग भागो। उस समय मेरे मिस्टर वॉशरूम में थे। हमारे बीच फोन से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था, क्योंकि उनके पास मोबाइल नहीं था। लेकिन, कुछ देर बाद वे भी हमारे साथ आ गए। तब तक आतंकी भी हमारे नजदीक आ गए थे। उन्होंने मेरे मिस्टर से कहा कि कलमा पढ़ो। उन्होंने कहा कि मैं तो क्रिश्चियन हैं, मुझे कलमा पढ़ना नहीं आता। उन्होंने तो सच बोला न… उसको नहीं आता मुझे भी नहीं आता। बेटे ऑस्टिन ने कहा- 15-15 साल के बच्चे थे आतंकी
आतंकी हर किसी से पूछ रहे थे कि मुस्लिम हो? जो मुस्लिम नहीं था उनको गोली मार दी। मेरे सामने उन्होंने दो लोगों को गोली मारी। उन्होंने पूछा, मुस्लिम? तो किसी ने हां बोला। इसके बाद आतंकी ने उससे कहा कि कलमा पढ़कर दिखाओ। कलमा पढ़ने के बाद कहा कि खतना नहीं है तुम्हारा और गोली मार दी। आतंकी 15-15 साल के बच्चे थे, वो वहां खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे और अपने सिर पर कैमरा लगाकर आए थे। रात को पहुंचा शव, सीएम ने दी श्रद्धांजलि
हादसे में मृत सुशील का शव बुधवार रात को एयलिफ्ट करके श्रीनगर से दिल्ली और वहां से इंदौर लाए। यहां पहले से मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ में आई पत्नी जेनिफर, बेटे ऑस्टिन और घायल बेटी आकांक्षा से भी बातचीत की। उनके हालचाल पूछे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। टीचर हैं सुशील की पत्नी जेनिफर
सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर जबकि ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में सुशील नथानियल की अंतिम यात्रा: जूनी इंदौर कब्रिस्तान में ईसाई रीति रिवाज से अंतिम संस्कार पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले सुशील नथानियल की अंतिम यात्रा इंदौर में शुरू हो गई है। जूनी इंदौर कब्रिस्तान में ईसाई रीति रिवाज से उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। इससे पहले सुशील नथानियल का शव परदेशीपुरा स्थित चर्च ले जाया जाएगा। यहां प्रार्थना की जाएगी। इससे पहले बुधवार रात करीब 9 बजे सुशील नथानियल की पार्थिव देह इंदौर एयरपोर्ट लाई गई। यहां से शव को उनके घर B 68, वीणा नगर ले जाया गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के प्रति शोक संवेदना जताई। पढ़ें पूरी खबर…


