भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले में गर्मी के दिनों में भी ग्रामीण अंचल के साथ शहरी क्षेत्रों में भी लोग अघोषित बिजली कटौती से परेशान है। 44 डिग्री की तपा देने वाली गर्मी में भी बिजली कंपनी लाइन बंद कर दे रही हे। इसको लेकर पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में बिजली पूर्ति नहीं कर पा रही है। यह सरकार आम जनता के हिस्से की बिजली काटकर बड़े उद्योगपतियों को बेच रही है। ग्रामीण अंचल के साथ-साथ शहरी इलाकों में लगातार विद्युत कटौती की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में रबी धान फसल लेने वाले किसानों की चिंता बिजली कटौती ने बढ़ा दी है। अनेक ऐसे किसान हैं जो कर्ज लेकर रबी धान फसल लगाए हैं, वर्तमान में धान में बाली आना शुरू हो गया है, कहीं-कहीं गभौत स्थिति में है। ऐसे में धान को पानी की सख्त आवश्यकता है, लेकिन लगातार बिजली कटौती के चलते फसल बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सुशासन की ढोल पीटने वाली भाजपा की सरकार लगातार जनता को छलने का काम कर रही है। प्रदेश के किसानों सहित आम उपभोक्ताओं को भी अब बिजली विभाग बड़ा झटका देने की तैयारी कर रही है। स्मार्ट मीटर को निशुल्क बताकर इसे अनिवार्य रूप से लगाने की बात कही गई। अब स्मार्ट मीटर की वसूली जनता से करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए वितरण कंपनी प्रबंधन की ओर से विद्युत नियामक आयोग में रिवाइज पिटिशन दाखिल किया गया है। इसमें स्मार्ट मीटर सरचार्ज के नाम पर 367 करोड़ रुपए की मांग करते हुए नए टैरिफ में जोड़ने की बात कही गई है। जिसकी वसूली आम उपभोक्ताओं से करने की तैयारी सरकार कर रही है।


