चंबल नदी से पानी लाने के 458.64 करोड़ के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की रफ्तार राजनीतिक रस्साकशी और प्रशासनिक अड़चनों में फंस गई है। 14 महीने में दो मुख्यमंत्रियों से भूमिपूजन कराए गए। पहले 6 अक्टूबर 2023 को महाराज बाड़ा पर तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअली जुड़कर और 16 दिसंबर को वर्तमान सीएम डॉ.मोहन यादव द्वारा जेयू कैंपस में कार्य शुभारंभ के नाम पर भूमिपूजन किया। खास बात यह है कि इन दोनों आयोजनों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट मौजूद रहे। दैनिक भास्कर ने देवरी गांव (मुरैना) जाकर जब जमीनी हालात देखे तो पता चला कि चंबल नदी-कोतवाल बांध से पानी लाने का प्रोजेक्ट देवरी गांव (मुरैना जिला) से ही बाहर नहीं आ सका है। जबकि जलालपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (ग्वालियर) तक का सफर 43 किलोमीटर का तय करना है। काम के नाम पर वहां अभी सिर्फ एक गड्ढा ही नजर आया। जबकि प्रोजेक्ट पर काम करने वाली जयंती सुपर कंस्ट्रक्शन एवं इनविराड प्रोजेक्ट (ज्वाइंट एडवेंचर) ने 12 मार्च 2024 को वर्क ऑर्डर लिया था। उसे 24 महीने में काम पूरा करना है, लेकिन 9 महीने बीतने के बाद भी पाइपलाइन डालने का भी काम शुरू नहीं हो सका है। भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट… संपवेल पर 4 कर्मचारी, इंटेकवेल की जमीन चिन्हित नहीं एनओसी लेने में हो रही देरी ग्वालियर नगर निगम को नेशनल हाईवे, रेलवे, जल संसाधन विभाग, और अन्य विभागों से जरूरी एनओसी लेनी है। एनएच-44 पर काम करने के लिए निगम को 16.57 करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस और पर्सनल गारंटी के रूप में ~3.95 लाख की राशि देनी है। निगम ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पत्र लिखकर राशि कम करने को कहा है। कोतवाल बांध पर इंटेकवेल के लिए जमीन आवंटित न होना और सांक नदी का मिट्टी परीक्षण जैसे मुद्दे काम में देरी की वजह बने हुए हैं। अफसरों ने काम रुकवाया था, अब चालू है दो दिन पहले सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा कार्य शुभारंभ करने के बाद चंबल प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिया है। इससे पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भूमि पूजन किया था उसके बाद देवरी गांव में गड्ढा खोदा था। लेकिन अफसरों के मना करने के बाद काम रोक दिया गया था। -एफआई खान, प्रोजेक्ट इंजीनियर, इंविराड कंपनी समय पर काम कराएंगे चंबल से ग्वालियर तक पानी लाने के प्रोजेक्ट में किन कारणों से देरी हो रही है इसका पता लगाएंगे। काम समय में पूरा कराने का प्रयास करेंगे। -तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री


