भास्कर न्यूज | चिल्फी घाटी ग्राम पंचायत भवन बेंदा में गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर हुआ। विषय था मुर्गी पालन, सुअर पालन और बकरी पालन। पशु चिकित्सक डॉ. निकिता साहू ने बताया कि इन कार्यों से ग्रामीण अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। सरकार की योजना के तहत नाममात्र शुल्क पर फार्म भरकर लाभ लिया जा सकता है। पशु चिकित्सक डॉ. साहू ने बताया कि पशुओं के रख-रखाव में खानपान, प्रजनन और बीमारियों से सावधानी जरूरी है। बीमार पशु और मुर्गी को तुरंत अलग करें। डॉक्टर की सलाह लें। टीकाकरण जरूरी है। बरसात में बाड़े की सफाई पर ध्यान दें। समय-समय पर टीका लगवाएं। पशु को अस्पताल लाया जा सकता है या डॉक्टर को घर बुलाया जा सकता है। फोन पर भी जानकारी ली जा सकती है। आर्थिक स्थिति सुधारना था उद्देश्य: रायपुर की रजमेरु संस्था से रजत चौधरी और संस्था प्रमुख दीपांकर राय भी पहुंचे। कार्यक्रम का उद्देश्य आजीविका से जोड़कर ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुधारना था। आयोजन कृषक जन विकास समिति, ग्राम बेंदा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में हरिश कुमार यदु सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत के लोग मौजूद रहे। प्रशिक्षण में चार गांवों के लगभग 40 महिला-पुरुष ने हिस्सा लिया। ग्राम बेलापानी से शिवलाल, मत्ते सिंह, ग्राम सरोधा दादर से समारु और बृजलाल, ग्राम बेंदा से चरन सिंह, शुक्ला सिंह, ग्राम तुरैयाबहरा से हिरू सिंह और रज्जू सिंह शामिल हुए। वहीं श्री गणेश स्वयं सहायता समूह की सभी दीदियां और नागा बैगा समूह की सदस्याएं भी मौजूद रहीं। ग्रामीणों में इसे लेकर उत्साह दिखा। इनमें कमल वती, रत्नावली, गायत्री बाई, समलो बाई, भखारिन बाई, सगनी बाई, फुलकली, सतिया बाई और मानकुंवर बाई शामिल थीं। प्रशिक्षण में बताया कि इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे पहले बकरी और मुर्गियों को रखने के लिए एक शेड तैयार करना होगा। इस शेड में बकरियों के साथ ही मुर्गियों को भी साथ में रखा जा सकता है। शेड को दो हिस्सों में बांट सकते हैं। यह विभाजन केवल लोहे की जाली लगाकर किया जा सकता है, जो बहुत सस्ता भी पड़ेगा। इसके अलावा इससे जुड़ी हुई आवश्यक जानकारी भी विस्तार के साथ पंचायत भवन बेंदा में दी गई।


