राज्य सरकार ने नए बजट के उपयोग को लेकर कदम -कदम पर कसावट प्रारंभ कर दी है। सरकारी विभाग बजट का सही उपयोग हो इसके लिए चैकिंग सिस्टम बनाया गया है। 31 मार्च तक बैंक खातों का बैंक रिकंसिलिएशन 31 मई तक करना होगा। 15 जून तक प्रमाणपत्र भेजकर यह भी बताना होगा कि कार्य हो चुके हैं। यदि बैंक रिकंसिलिएशन स्टेटमेंट नहीं बनाया जाता है, राशि में अंतर या विसंगति होने पर विभाग अध्यक्ष और डीडीओ जिम्मेदार होंगे। किसी भी बंद योजना का बैंक खाता चालू नहीं रखा जाएगा। इस खाते में जमा राशि चालान के जरिए सरकारी कोष में वापस जमा कर खाता बंद करना होगा। सरकारी योजनाओं की जमा राशि की मासिक जानकारी से पता चला है कि सरकारी योजनाओं के बैंक खातों एवं उनमें जमा राशि में वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने योजनाओं के लिए बैंक खाते खोलने के संबंध में इसका उद्देश्य व प्रस्ताव मांगे हैं। यह बताना होगा कि योजनाओं के लिए राशि आहरित कर बैंक खाते में रखकर व्यय किया जाना क्यों जरूरी है? इसे सीधे कोषालय से हितग्राही या वेंडर को भुगतान नहीं किया जा सकता है? मांग की प्रत्याशा में अथवा बजट प्रावधान व्यपगत होने से बचाने के लिए सरकारी लेखों से धन का आहरण वर्जित रहेगा। यदि ऐसे मामले प्रकाश में आते हैं जिसमें राशि अनाधिकृत रूप से निकालकर बैंक खाते में रखी जाती है, तो डीडीओ के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। खास बातें चालू खाते होंगे बचत खातों में तब्दील केंद्र सरकार योजनाओं के लिए बचत खाते खोल रही है। इसे देखते हुए राज्य शासन की भी योजनाओं के बैंक खातों को बचत खातों में बदला जाएगा। पूर्व में खोले गए चालू बैंक खातों को बचत बैंक खातों में परिवर्तित करने का प्रस्ताव विभाग भेजेंगे। इसके पहले योजनाओं की सूची और बैंक में खातों खोलने के औचित्य की जानकारी तय प्रपत्र में वित्त विभाग को महीनेभर में देनी होगी। राज्य बजट की सभी योजनाओं के बैंक खातों को बचत खातों में परिवर्तित किया जाएगा। केवल डीडीओ के लिए अनुमति प्राप्त एक चालू खाता रखा जा सकेगा।


