नशा मुक्ति अभियान एवं नालसा योजना, जिला जेल में विशेष जागरूकता शिविर सम्पन्न
अनूपपुर। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माया विश्वलाल के निर्देशानुसार 22 अप्रैल से 26 अप्रैल तक जिले में आयोजित किए जा रहे ’’नशा मुक्ति अभियान’’ एवं नालसा(नशा पीड़ितो को विधिक सेवाऐं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2015 के तहत जिला जेल अनूपपुर में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी बृजेश पटेल ने बंदियों को बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल जन-साधारण को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागृत करना है, बल्कि नशे के खिलाफ जन आंदोलन का रुप देना है। ताकि नशे के खिलाफ हर आदमी जुड़ कर अपना योगदान दे सकें। साथ ही उन्होंने बताया कि नशा एक अभिशाप है। यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। इन जहरीले और नशीले पदार्थों के सेवन से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचने के साथ ही इससे सामाजिक वातावरण भी प्रदूषित होता ही है साथ ही स्वयं और परिवार की सामाजिक स्थिति को भी भारी नुकसान पहुंचता है। नशे के आदी व्यक्ति को समाज में घृणा की दृष्टि से देखा जाता है । नशे करने वाला व्यक्ति परिवार के लिए बोझ स्वरूप हो जाता है, उसकी समाज एवं राष्ट्र के लिए उपादेयता शून्य हो जाती है। वह नशे से अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है तथा शांतिपूर्ण समाज के लिए अभिशाप बन जाता है। नशा अब एक अन्तर्राष्ट्रीय विकराल समस्या बन गयी है। दुर्व्यसन से आज स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग और विशेषकर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे है। इस अभिशाप से समय रहते मुक्ति पा लेने में ही मानव समाज की भलाई है। उक्त कार्यक्रम में अध्यक्ष अभिभाषक संघ संतोष सिंह परिहार, अधिवक्तागण, इन्द्रकुमार तिवारी जेल अधीक्षक सहित बंदीगण उपस्थित रहे।


