भास्कर न्यूज | लोहरदगा बलदेव साहू महाविद्यालय में शुक्रवार को डॉ. बुटन महली की पुस्तक “नागपुरी काव्य शतक” का लोकार्पण हुआ। यह कार्यक्रम दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के तहत आयोजित किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से विद्वान इस सेमिनार में शामिल हुए। लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी के डॉ. त्रिवेणी नाथ साहू, पद्मश्री मुकुंद नायक, एनईईआरआई नागपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. तनवीर आरफीन, एसआरसी वीरभूम पश्चिम बंगाल के निदेशक डॉ. डी एन वर्मा, सीसीएल के इंजीनियर प्रभात कुमार और बीएस कॉलेज लोहरदगा के डॉ. शशि कुमार गुप्ता मौजूद रहे। पुस्तक में 100 कविताएं और 31 गीती काव्य शामिल हैं। यह नागपुरी काव्यालंकारों से समृद्ध है। इससे छात्र अब विभिन्न अलंकारों के उदाहरण आसानी से दे सकेंगे। आने वाले समय में अलंकार से जुड़ी समस्याएं कम होंगी। यह पुस्तक छात्रों को काव्य रचना में भी मदद करेगी। इस मौके पर डॉ. बुटन महली ने बताया कि उनका तबादला बीएस कॉलेज लोहरदगा से सिमडेगा किया जा रहा है। इससे नागपुरी पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि एक ओर छात्र शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, दूसरी ओर मौजूद शिक्षकों का तबादला पढ़ाई को कमजोर कर रहा है। उन्होंने अपने तबादले को राजनीति से प्रेरित बताया। कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य लोहरा उरांव, नागपुरी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. नईम खान, डॉ. अजीत कुमार गुप्ता, डॉ. संतोष शांडिल्य, प्रो. सुरेश प्रसाद साहू, प्रो. सारोन सोरीन, डॉ. अजय नाथ शाहदेव, प्रो. सत्यनारायण उरांव, डॉ. रोशन प्रवीण खलखो, प्रो. अर्जुन लकड़ा, डॉ. पुष्पा कुमारी, प्रो. विराज चीक बड़ाइक, प्रो. ब्लासियुस पन्ना, प्रो. अंबिका प्रिया तिर्की, प्रो. दीपमाला, प्रो. प्रमीला उरांव, मुख्य वक्ता डॉ. प्रसेनजीत मुखर्जी, डॉ. स्नेल टेटे सहित विभिन्न राज्यों से आए शिक्षक, शोधार्थी और छात्र उपस्थित थे।


