पटना | ग्राम गिरजापुर की अमृतांजली ने महिला एवं बाल विकास कार्यालय को भावनात्मक आवेदन दिया। पति की असमय मौत के बाद वह बेटे चन्द्रांश राजवाड़े की परवरिश को लेकर परेशान थी। बेटे की शिक्षा, पोषण और देखभाल के लिए हर महीने 4000 रुपए की आर्थिक मदद मांगी। साथ ही उसे प्रवर्तकता कार्यक्रम से जोड़ने की मांग की। कार्यालय ने दस्तावेजों की जांच की। सामाजिक रिपोर्ट तैयार की। फिर मामला जिला प्रवर्तकता एवं पालन-पोषण देखरेख अनुमोदन समिति को भेजा गया। समिति ने आवेदन को पात्र माना। प्रस्ताव तैयार कर महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजा गया। शासन से मंजूरी मिलने पर चन्द्रांश को हर महीने 4000 रुपए मिलेंगे।


