अजमेर जिले में शीतलहर व पाले के कारण फसलों को नुकसान होने लगा है। जिले में सब्जियों के बुवाई क्षेत्रफल में टमाटर व मिर्च की फसल में 5 से 10 प्रतिशत का खराबा हो चुका है। फसलों में खराबा होने से किसान चिंतित हैं। वहीं कृषि विभाग ने एडवायजरी जारी की है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक शंकरलाल मीणा ने बताया कि पुष्कर सहित आसपास के क्षेत्रों में पाले व शीतलहर का सबसे अधिक प्रकोप है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में 25 हैक्टेयर, गनाहेड़ा में 35 हैक्टेयर, देवनगर 20 हैक्टेयर, भांवता में 25 हैक्टेयर तथा पीसांगन में 15 हैक्टेयर सहित कुल 120 हैक्टेयर में टमाटर की फसल बुआई हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि शीतलहर एवं पाले से सर्दी के मौसम में सभी फसलों को नुकसान होता है। पाले के प्रभाव से पौधों की पत्तियां एवं फूल झुलस कर झड़ जाते हैं तथा अधपके फल सिकुड़ जाते हैं। फलियों एवं बालियों में दाने नहीं बनते, बन रहे दाने सिकुड़ जाते हैं। फसल की सुरक्षा के ये करें उपाय


