पुलिस ने शनिवार को दिल्ली में छापा मारकर महादेव सट्टे से जुड़े आधा दर्जन सटोरियों को पकड़ा। उन्हें रायपुर लाया जा रहा है। महादेव सट्टा एप खिलाने और खेलने वालों के खिलाफ पुलिस के अलावा एसीबी-ईओडब्ल्यू, ईडी और सीबीआई की ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। इसके बाद भी सट्टे का ऑनलाइन नेटवर्क बेखौफ चल रहा है।
सोशल मीडिया और मैसेंजर एप के अलग-अलग प्लेटफार्म में आसानी से आईडी व पासवर्ड मिल रहा है। इसमें रोज करोड़ों रुपए का दव लग रहा है। आईडी-पासवर्ड के लिए कई नंबर जारी किए गए हैं। इसमें से 88583559.., 88084088.., 88818684.., 88534636.., जैसे अनेक नंबर हैं, जिसमें 200-200 रुपए में ऑनलाइन पासवर्ड और आईडी बेची जा रही है। जांच एजेंसियां जैसे ही इन नंबरों, आईडी और लिंक को बंद करवाती है। इनके प्रमोटर तुरंत दूसरे डोमेन में नया नंबर व आईडी जारी कर रहे हैं। हर दिन इनका पासवर्ड बदल रहा है। हकीकत पता लगाने भास्कर रिपोर्टर ने खुद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म से महादेव बुक से जुड़े एप में जाकर आईडी-पासवर्ड खरीदी। फिर उसमें दांव लगाया। पूरी प्रक्रिया का खुलासा भास्कर स्टिंग…. के जरिये- – सोशल मीडिया से महादेव बुक का 8858355940 नंबर निकालकर मैसेज किया गया। ऐसा करते ही आया जवाब- वेलकम टू महादेव बुक। इस नंबर पर कॉल करने पर किसी ने फोन नहीं उठाया और जवाब भी नहीं दिया। फिर इन्हीं नंबरों पर वाट्सएप मैसेज किया गया- दांव लगाना है आईडी चाहिए। मैसेज करने के पांच मिनट में जवाब आया- वेलकम महादेव बुक। वेलकम का एक लोगो भेजा गया। फिर कुछ पैनल के लिंक भेजे गए। इसमें एक पैनल का चयन करना था। रिपोर्टर ने mybet777 पैनल का चयन किया। लिंक को खोलते ही mybet777 का होम पेज आया। इसमें कई विकल्प थे। उसमें क्रिकेट लाइव मैच का विकल्प चुना गया। उसके बाद एक क्यूआर कोड आया। उसमें 200 रुपए जमा करने को कहा गया। पैसा जमा ऑनलाइन जमा किया गया। खाईवाल ने पेमेंट का डिटेल मांगा। ब्योरा देने पर आईडी व पासवर्ड मोबाइल पर आया। उसमें आईपीएल क्रिकेट का लाइव मैच चल रहा था। केकेआर और पीबीकेएस के बीच मैच था। एप में पूछा गया कि क्या पंजाब (पीबीकेएस) 216 रन बना पाएगी। रिपोर्टर ने दांव लगाया कि पंजाब की टीम इतना रन नहीं बना पाएगी। रिपोर्ट जीत गया। उसे 200 रुपए का 400 रुपए मिला। पैसा भी तुरंत खाते में आ गए।
ऑनलाइन गेम में भी जमकर लगा रहे दांव
रिपोर्टर ने प्लेइंग आईडी और पासवर्ड लेकर लिंक को खोला तो उसमें एक वेब पेज खुला। उसमें आईपीएल क्रिकेट के अलावा लूडो, केसिनो, कैरम, फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, हॉर्स राइडिंग समेत एक दर्जन गेम थे, जिसमें कटिंग ली जा रही थी। हर खेल में दांव लगाने के लिए अलग-अलग खाता नंबर है। पैसा जमा करने के बाद ही उसमें दांव लिया जाता है। दूसरों के नाम का सिम और खाता
पुलिस का दावा है कि महादेव सट्टा बुक अब अलग-अलग नाम से सट्टा चला रही है। इसमें जिन मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा रहा है। वह दूसरे के नाम पर है। जिन खातों में पैसों का लेन-देन किया जा रहा है। वह भी दूसरे के नाम पर हैं। ज्यादातर म्यूल अकाउंट में सट्टे के पैसों का लेन-देन हो रहा है। बता दें कि जांच एजेंसियों ने पिछले तीन साल में 5 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर व एप ब्लॉक कराया। इसके अलावा 25 हजार से ज्यादा म्यूल अकाउंट को भी फ्रीज कराया गया। जांच एजेंसी जितना इन खातों को बंद करा रही है, उतना ही और खुलते जा रहे हैं।


