चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक 13 साल की नाबालिग बच्ची और उसकी मां पर एक युवक ने एसिड से हमला कर दिया। हमले में बच्ची की दोनों आंख झुलस गई है, जबकि मां को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद जीआरपी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंदेरिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के महू, इंदौर निवासी इस्माइल (28) पुत्र मोहम्मद हारून के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही हरकत में आई पुलिस जीआरपी थाना अधिकारी अनिल देवल ने बताया कि शनिवार सुबह हॉस्पिटल चौकी से सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की और उसकी मां पर एसिड अटैक हुआ है। बच्ची को आंखों में गंभीर चोट आई है। सूचना मिलते ही पुलिस का जाब्ता मौके पर रवाना हुआ। पीड़ित मां-बेटी से पूछताछ की गई और प्लेटफॉर्म पर मौजूद स्टॉल संचालकों से भी जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। इस पूरे ऑपरेशन में RPF पुलिस ने भी सहयोग किया है। सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, चंद घंटों में गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की गई और तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आरोपी को ऑटो में बैठते हुए देखा गया। ऑटो की पहचान कर उसकी भी पहचान की गई। पुलिस ने चंदेरिया इलाके में दबिश देकर आरोपी इस्माइल को धर दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी रेलवे का पूर्व कर्मचारी है। वह अटेंडर के पद पर कार्यरत था लेकिन कुछ समय पहले नौकरी छोड़ चुका था। इसके बावजूद वह ट्रेन में लगातार सफर करता है और रेलवे परिसरों में घूमता रहता है। पीड़ितों की आपबीती पीड़ित मां-बेटी मूल रूप से दमोह, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। उनके अनुसार, ईद से पहले वे दमोह से अजमेर आए थे और वहां कुछ दिन रहने के बाद दो दिन पहले ही चित्तौड़गढ़ पहुंचे थे। चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन के 4 नंबर प्लेटफॉर्म पर वे अस्थायी रूप से ठहरे हुए थे। उसी दौरान आरोपी इस्माइल भी प्लेटफॉर्म के आसपास घूमता नजर आता था। रविवार मां-बेटी शौच के लिए प्लेटफॉर्म से थोड़ी दूर गईं। तभी आरोपी भी उनके पीछे-पीछे वहां पहुंच गया। जब पीड़ितों ने उसे टोका और वहां से जाने के लिए कहा तो आरोपी भड़क उठा। उसने अपने बैग से एसिड की बोतल निकाली और नाबालिग बच्ची के चेहरे पर फेंक दिया। मां जब अपनी बेटी को बचाने आई तो उस पर भी एसिड फेंक दिया। गनीमत रही कि एसिड हल्की क्वालिटी का था थानाधिकारी अनिल देवल ने बताया कि आरोपी के पास जो एसिड था, उसकी गुणवत्ता बहुत हल्की थी, इस कारण मां पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। हालांकि, बच्ची की एक आंख गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। दोनों को तुरंत जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। नाबालिग का इलाज विशेष निगरानी में जारी है। एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत घटना के तुरंत बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से नमूने इकट्ठा किए और आरोपी के बैग की भी तलाशी ली गई। तलाशी में आरोपी के बैग से मिर्ची पाउडर और अतिरिक्त एसिड की बोतलें बरामद हुईं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी आपराधिक इरादे से प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था। आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी पुलिस ने बताया कि आरोपी इस्माइल के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहां से उसकी आपराधिक बैकग्राउंड की जानकारी मंगवाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की पीड़िता पर गलत नजर थी और जब उसे टोका गया तो उसने आक्रोश में आकर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण करवाया है। कार्रवाई वाली इस टीम में जीआरपी अजमेर से इंस्पेक्टर अर्पण चौधरी, जीआरपी उदयपुर थानाधिकारी गोरधनसिंह, चित्तौड़गढ़ जीआरपी ASI गिरधारीसिंह, धुलजी तिरगर, करणसिंह, हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह, मनोहर सिंह, सांवर सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल प्रहलाद, यूसुफ मोहम्मद, गोपाल लाल, पवन कुमार, यशपाल सिंह, महिला कांस्टेबल विध्याकंवर, RPF विक्रम सिंह, जयप्रकाश यादव, नरेश कुमार शामिल थे।


