बीजेपी ने ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी से निकाला:जूली के मंदिर में दर्शन करने के बाद छिड़का था गंगाजल; पूर्व विधायक बोले-आगे बड़ा धमाका करूंगा

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के राम मंदिर में दर्शन करने के बाद गंगाजल छिड़कने के मामले में बीजेपी ने सीनियर लीडर और पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा की सदस्यता समाप्त कर दी है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को अनुशासन समिति ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में समिति ने आहूजा के खिलाफ आरोपों को सही माना था। इससे पहले आज ज्ञानदेव आहूजा अपना पक्ष रखने के लिए अनुशासन समिति के समक्ष पेश हुए। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- मैने कोई दलित विरोधी काम नहीं किया। आहूजा बोले- आगे बड़ा धमाका करूंगा
आहूजा ने कहा- मेरे पास प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का फोन आया था। उन्होंने मुझसे कहा था कि मुझे आपके साथ सहानुभूति और दुख है। आप नोटिस का जवाब दे दीजिए। मैंने उनसे कहा कि कतई नहीं, मुझे आपकी सहानुभूति और दुख नहीं चाहिए। आप सत्य परख बात कीजिए। आपने जो नोटिस मुझे दिया है, वो गलत दिया है। पार्टी की प्रक्रिया है, इसलिए मैंने जवाब दे दिया है। आहूजा ने कहा- अब आगे पार्टी को निर्णय करना है। मेरे पास प्रदेश के 41 जिलों से लोगों के फोन आए। पूरी पार्टी मेरे साथ है। आगे बड़ा धमाका करूंगा। जूली के राम मंदिर में दर्शन के बाद छिड़का था गंगाजल
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली 6 अप्रैल को अपना घर शालीमार (अलवर) में रामलला मंदिर गए थे। इसके बाद ज्ञानदेव आहूजा ने कहा था- ​​​​​​​टीकाराम जूली हिंदू विरोधी है। वो करणी माता मंदिर गए और श्रीराम मंदिर भी गए। अब उनके जाने के बाद मैं जाऊंगा और इनके जो अपवित्र पैर पड़ेंगे वहां, हाथ लगेंगे मूर्तियों को, वहां गंगाजल छिड़कर कर भगवान श्री राम का पूजन करूंगा। अगले दिन 7 अप्रैल को रामगढ़ (अलवर) के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा रामलला मंदिर पहुंचे और गंगाजल का छिड़काव किया था। ज्ञानदेव आहूजा ने कहा था- रामनवमी के दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान कांग्रेसियों को भी बुलाया गया, जिससे मंदिर अपवित्र हो गया। मैंने गंगाजल छिड़ककर पवित्र किया है। विपक्ष ने मुद्दा बनाया था
मंदिर में गंगाजल छिड़कने की बात को विपक्ष ने मुद्दा बनाया था और इसको लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। ज्ञानदेव आहूजा के मानसरोवर स्थित आवास के बाहर लगी नेम प्लेट पर काला रंग पोता गया था। इसके बाद बीजेपी ने आहूजा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। पार्टी ने आहूजा को जारी किया था कारण बताओ नोटिस
गंगाजल छिड़कने को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं सांसद दामोदर अग्रवाल ने ज्ञानदेव आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था- टीकाराम जूली के दर्शन करने के बाद श्रीराम मंदिर में आहूजा ने गंगाजल का छिड़काव किया। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। यह घोर अनुशासनहीनता है।

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