जयपुर में कुमार विश्वास ने कहा- लोग पूछते हैं कि थानों में भरोसा कैसे बढ़ेगा। अंधेरे रास्ते में आती हुई एक लड़की जिसके पीछे चार लफंगे लगे हैं। वो जिस तरह हनुमान जी को याद करती है, अगर थाने को याद करे और थाने में पहुंचे। मैं समझूंगा की पुलिस और थानों में यह विश्वास बढ़ेगा। कुमार विश्वास ने कहा- सब थानों में एक मात्र देवता जो पूजे जाते हैं, वो हनुमान जी हैं। वो पुलिसवालों के देवता हैं। वैसे भी उन्हें अयोध्या का कोतवाल कहा जाता है। हनुमानगढ़ी में ऊपर ही बैठे हैं। जैसे कोई पुलिसकर्मी निगरानी लिए बैठा हो। दरअसल, कुमार विश्वास बिड़ला ऑडिटोरियम में पूर्व आईपीएस अधिकारी हरिप्रसाद शर्मा की पुस्तक ‘कर्तव्य पथ’ के विमोचन के कार्यक्रम में बोल रहे थे। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यह पुस्तक अपने जीवन संस्करणों के आधार पर लिखी है। विपक्ष को लगता है कि चुनाव आयोग पक्षपात करता है
कुमार विश्वास ने कहा- विपक्ष आरोप लगाता है कि चुनाव आयोग पक्षपात करता है। जहां चुनाव जीत जाते हैं, वहां कुछ नहीं। जहां हार जाते हैं, वहां ईवीएम में गड़बड़ हो जाती है। लेकिन एक चुनाव आयुक्त ऐसा आया, टीएन शेषन जिसे सभी याद करते हैं। संस्थानों की गरिमा भी मनुष्य तैयार करते हैं। आज 17 साल का लड़का भी आसानी से गांधी को गाली देता है
उन्होंने कहा- आज दुर्भाग्य है कि 17 साल का लड़का भी आसानी से गांधी को गाली देता है। कुछ का तो ज्ञान का स्रोत सही नहीं है, सब वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी से प्रेरित हैं। कुछ कहते हैं मैने उनकी आत्मकथा में पढ़ा है। मैं उनसे यही कहता हूं, जो आदमी सत्य के प्रति इतना समर्पित था, जिसने अपनी खराबी भी लिख दी। वह सत्य का कितना बड़ा पुजारी रहा होगा, कितना लड़ा होगा। हर पीढ़ी का अलग संघर्ष होता है
कुमार विश्वास ने कहा- किताब के संस्मरण सुनते वक्त मुझे लग रहा था कि ये सब बातें वही है, जो मेरे पिता जी के जीवन का संघर्ष था। अलग-अलग पीढ़ी का अलग संघर्ष होता है। हमारे बच्चों का संघर्ष इतना ही है कि स्कूल की बस दूसरी गली में आती थी। उन्होंने कहा- मेरा संघर्ष ये था कि जब कहीं कविता पाठ करने जाता था तो बस में कोने की सीट मिल जाए। 10 साल कॉमर्शियल फ्लाइट में सफर किया, तब जाकर चार्टड मिला।


