कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत करंजी में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला डोंगरीपारा में एक शिक्षक ने अनूठी पहल की है। शिक्षक टी. एंकट राव ने स्कूल को एक मॉडल स्कूल में बदल दिया है। स्कूल परिसर में गणित सीखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। गार्डन में वृत्त, त्रिभुज, चतुर्भुज जैसी गणितीय आकृतियां बनाई गई हैं। बच्चे यहां खेल-खेल में गणित सीखते हैं। स्कूल में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। बांस की कलाकृतियां, पुराने टायर और खाली डब्बों से सजावट की गई है। यह बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती है। विद्यालय में “I LOVE LEARNING” का कटआउट लगाया गया है। एक रीडिंग कॉर्नर भी बनाया गया है। यहां बच्चे अखबार और कहानी की किताबें पढ़ते हैं। पेड़ के चारों ओर बनाया चबूतरा बच्चों ने ‘मां के नाम एक पौधा’ अभियान के तहत स्कूल में पौधे लगाए हैं। वे खुद इन पौधों की देखभाल करते हैं। स्कूल में महुआ के पेड़ के चारों ओर चबूतरा बनाया गया है। इस पर बस्तर की संस्कृति को भित्ति चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। इस परिवर्तन में अंतरराष्ट्रीय लोक चित्रकार खेम वैष्णव का भी योगदान रहा है। आज यह स्कूल बच्चों की मुस्कान, फूलों की महक और रंगों की छटा से सजा हुआ है।


