जालोर के जिला अस्पताल में शनिवार दोपहर 3.15 से 3.45 बजे के बीच 22 आवारा कुत्ते अलग-अलग जगह घूमते मिले। ओपीडी हो या सामान्य वार्ड, आईसीयू हो या फिर गलियारा, हर जगह कुत्ते नजर आए। इन्हें भगाने वाला यहां कोई नहीं था। इस दौरान अस्पताल में चौकीदार से लेकर पीएमओ तक मौजूद थे। इस संबंध में काफी समय से मरीज और उनके परिजन शिकायतें कर रहे थे, पर इस पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। ओपीडी समय के बाद मरीजों से ज्यादा कुत्ते यहां घूमते नजर आए। शनिवार को अस्पताल के अधिकांश व मुख्य जगहों पर कुत्ते थे। अस्पताल के ओपीडी एरिया, इमरजेंसी कक्ष, जनरल व सर्जिकल वार्ड, आईसीयू वार्ड, लैब, ब्लड बैंक के बाहर, फीमेल वार्ड की गैलेरी, बर्न यूनिट, होम्योपैथी डॉक्टर रूम के बाहर, अस्पताल की छत पर, स्टाफ पार्किंग एरिया व ऑपरेशन थियेटर आदि स्थानों पर कुत्ते घूम रहे थे। MCH में वार्ड में बेड पर सो रहा था कुत्ता एचसीएच अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में 20 दिसंबर रात 8:45 बजे वार्ड में बैड पर कुत्ता सोता मिला। अस्पताल परिसर में चौकीदार नहीं था। डॉक्टर-कंपाउंडर अपने अपने रूम में बैठे जरूर थे, लेकिन उन्होंने कुत्ते को भगाने की जहमत नहीं उठाई। कुत्ते के जाने के बाद बेड को साफ नहीं किया गया। 4 बड़े गेट, चौकीदार सिर्फ 1 गेट पर ही अस्पताल में 4 चौकीदार हैं। ये सभी अस्पताल के मुख्य गेट पर ही अलग-अलग शिफ्ट में तैनात रहते हैं। अन्य 3 गेट पर 1 भी चौकीदार नहीं है। अन्य 3 में से 2 गेट चौबीस घंटे खुले रहते हैं। यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा 1 गेट बंद जरूर है, लेकिन इसमें भी कुत्तों के घुसने की जगह है। इससे पहले भी अस्पताल में आवारा सांड नजर आए थे इससे पहले भी जालोर के इस अस्पताल में 31 जनवरी को अस्पताल परिसर में एक आवार सांड घूमता नजर आया था। सांड पूरे अस्पताल की लॉबी में टहलता रहा और अंत में मुख्य गेट से बाहर निकल था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था। जिला कलेक्टर निशांत जैन से अस्पताल का दौरा कर अस्पताल विभाग को व्यवस्था सुधारने व अस्पताल के पिछले गेट पर गार्ड लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अस्पताल प्रशासन की फिर लापरवाही सामने आई है। जिला अस्पताल पीएमओ पूनम टांक ने कहा कि जिला अस्पताल के 4 गेट है। जो खुले रहते हैं, तो आ गए होंगे। पीएमओ कंट्रोल करेंगे।


