खाद्य निगम के कर्मचारी ने वर्क लोड से परेशान होकर हाथ की नसें काटकर सुसाइड करने की कोशिश की। इसके बाद इसकी सूचना अपने साथी कर्मचारी को दी तो उन्होंने कर्मचारी के मकान मालिक को बताया। कमरे के बाथरूम में खून बिखरा देख मकान मालिक के होश उड़ गए। वह तुरंत कर्मचारी को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ा। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। मामला भरतपुर के मथुरागेट इलाके का सोमवार सुबह 3 बजे का है। ASI रति राम ने बताया- अलसुबह भरतपुर में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के टेक्निकल असिस्टेंट सौरभ सत्यार्थी के सुसाइड की कोशिश करने की सूचना मिली थी। इसके बाद उसके जवाहर नगर स्थित किराए के कमरे पर पहुंचे और मकान मालिक पंकज बंसल से सौरभ को लेकर जानकारी जुटाई। प्रारम्भिक पूछताछ के अनुसार, सौरभ के एक साथी कर्मचारी ने सुबह पंकज बंसल को फोन कर सौरभ के सुसाइड अटेम्प्ट करने की सूचना दी थी। पंकज ही सौरभ को अस्पताल ले गए थे। जहां प्राथमिक इलाज के बाद सौरभ को उसके लखनऊ स्थित घर (चकावा लाल कुआं भेड़मंडी) भेज दिया गया है। पूछताछ में बोला- वर्क लोड को लेकर टेंशन में था ASI रति राम ने बताया- सौरभ से सुसाइड करने के प्रयास को लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि ऑफिस के वर्क लोड को लेकर वह टेंशन में था। ऐसे में उसने सुसाइड करने की ठानी थी। आवेश में आकर दोनों हाथों की नसें काट ली। इसके बाद अपने एक साथी को फोन कर इसकी सूचना दी। मैनेजर बोले- कलीग ने दी थी सुसाइड अटेम्प्ट की सूचना भरतपुर के FCI गोदाम में तैनात मैनेजर दिलीप कुमार वर्मा ने बताया- रविवार सुबह मेरे पास सौरभ के कलीग का फोन आया था। उन्होंने बताया कि सौरभ ने हाथों की नसें काट ली है। इसके बाद मैंने सौरभ के मकान मालिक से बात कि पता चला कि वे सौरभ को आरबीएम अस्पताल लेकर गए हैं। मैं आरबीएम अस्पताल पहुंचा। मैंने सौरभ से बात की। उसने बताया कि वह काफी टेंशन में है। हालांकि, साफ तौर पर नहीं बताया कि किस बात की टेंशन है।सौरभ मेरे अंडर काम नहीं करता था, इसलिए मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। फिलहाल वह ठीक है। हालत खतरे से बाहर है।


