मां-बेटी पर एसिड अटैक करने वाला 2दिन की रिमांड पर:अश्लील वीडियो देखता था आरोपी, गलत इरादे से पीछा कर किया था अटैक

चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर मां और नाबालिग बेटी पर एसिड अटैक करने के आरोपी को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी को अजमेर जीआरपी कोर्ट में सोमवार को पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड पर भेजा। आरोपी अपने मोबाइल में अश्लील वीडियो देखा करता था। जांच में इसके सबूत मिले है। GRP थानाधिकारी अनिल देवल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इस्माइल (28) पुत्र मोहम्मद हरून निवासी महू, इंदौर (मध्य प्रदेश) है। उसकी नीयत पीड़ित मां-बेटी के प्रति सही नहीं थी। वह प्लेटफॉर्म 4 पर रह रहे परिवार पर पहले से ही नजर रख रहा था। पुलिस का मानना है कि गलत इरादे से आरोपी उनके पीछे गया। रेलवे में अटेंडर का काम करता था
GRP थाना अधिकारी देवल ने बताया कि जांच में पता चला है कि इस्माइल केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ा-लिखा है। पहले वह रेलवे में अटेंडर का काम करता था, लेकिन अब वह 3 महीने से इस नौकरी में नहीं है। आरोपी को रेलवे से निकाला गया था या वह खुद नौकरी छोड़कर निकला, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल वह रेलवे का कार्ड लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों पर घूमता-फिरता था। इसके अलावा वो होटलों में बर्तन धोने का भी काम करता था। पूछताछ के दौरान आरोपी का व्यवहार थोड़ा अलग जैसा लगा। वह बार-बार असंगत बातें कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। मोबाइल में मिली अश्लील सामग्री
देवल ने बताया कि आरोपी के मोबाइल की जांच के दौरान कई अश्लील साइट्स विजिट करने के सबूत मिले हैं। साथ ही वह सोशल मीडिया के माध्यम से अलग-अलग नंबरों पर संपर्क भी करता रहा है। पुलिस का कहना है कि उसकी मानसिकता भी इस दिशा में सही नहीं है, जिससे वह खुद पर काबू नहीं रख सकता। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी मिर्च पाउडर और एसिड जैसी खतरनाक चीजें अपने पास क्यों रखता था। इसके पीछे की मंशा जानने के लिए उसे गहन पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। इंदौर से मंगवाया गया क्राइम रिकॉर्ड
पुलिस ने आरोपी इस्माइल का इंदौर से आपराधिक रिकॉर्ड मंगवाया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसके खिलाफ पहले भी एक मामला दर्ज हो चुका है। हालांकि, डिटेल रिपोर्ट अभी GRP पुलिस को नहीं मिली है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने में आ रही परेशानी
इधर पुलिस प्रशासन पीड़ित मां-बेटी को सरकारी योजना के तहत पीड़ित प्रतिकर से जोड़ने की कोशिश कर रहा है ताकि उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि पीड़ित परिवार घुमंतू जाति से है। उनके पास न तो आधार कार्ड है, न ही कोई बैंक अकाउंट। ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि उनके अकाउंट में ट्रांसफर कराना संभव नहीं हो पाएगा। इस कारण पीड़ित परिवार सरकारी सहायता योजना का लाभ उठाने से वंचित रह सकता है। पुलिस और प्रशासन मिलकर इस समस्या का समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं ताकि पीड़ित परिवार को राहत दी जा सके।

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