संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में 5 लोगों की मौत हो गई। तब से संभल राजनीति के केंद्र में है। ऐसा पहली बार नहीं है। संभल में दंगों का लंबा इतिहास रहा है। मस्जिद और मंदिर की यह लड़ाई कई शताब्दियों से चली आ रही है। संभल जामा मस्जिद के मंदिर होने को लेकर मुरादाबाद कोर्ट में पहला दावा 1878 में छेदा सिंह नाम के व्यक्ति ने किया था। तब इस केस को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब मामला फिर सामने है। संभल में दंगों का इतिहास रखकर क्या विधानसभा-2027 की तैयारी है? क्या कल्कि अवतार में भाजपा को भविष्य दिख रहा है? इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए पूरी कहानी… आखिर में इस पोल में शामिल होकर अपनी राय दीजिए… —————————– संभल दंगों से जुड़ी सीएम के बयान की ये खबर भी पढ़ें… योगी बोले-संभल नरसंहार के दरिंदों को सजा क्यों नहीं?:46 साल पहले हत्याएं हुईं; उस वक्त बंद किया मंदिर अब सबके सामने संभल में 46 साल से बंद पड़े शिव मंदिर को शनिवार को डीएम-एसपी ने खुलवाया। मंदिर के पास रात से ही फोर्स तैनात है। वहां सुबह पूजा हुई। इधर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में कहा- कल संसद में संविधान पर चर्चा चल रही थी, लेकिन मुद्दा संभल का उठ रहा था। इन्हीं के समय में 46 साल पहले जो मंदिर बंद कर दिया गया था, वो सामने आ गया। इनकी वास्तविकता को सबके सामने ला दिया। (पढ़ें पूरी खबर)


