सिटी रिपोर्टर | रांची हिंदपीढ़ी महापंचायत के बैनर तले मिल्ली सामुदायिक भवन हिंदपीढ़ी में सभा का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मौलाना असगर मिसबाही ने की। वक्ताओं ने कहा कि वक्फ संशोधन एक्ट भारतीय मुसलमानों के लिए काला कानून है। संविधान में प्रदत मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। सभा में झारखंड विधानसभा से इस कानून के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग उठी। लोगों ने कहा कि यह लंबी लड़ाई है जिसे मुस्लिम समाज केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेगी और जीतेगी। लोगों ने इस लड़ाई में हिंदू समाज को भी आगे आने की अपील की। इस कानून के विरोध में 30 अप्रैल को रात 9 बजे से 9.30 बजे तक अपने दुकान-मकान और ऑफिस की बत्तियां विरोध स्वरूप बुझाने की अपील की गई। कार्यक्रम में मुफ्ती अनवर कासमी, मौलाना सैय्यद तहजीबूल हसन, मेराज गद्दी, शादाब खान, फिरोज जिलानी, नदीम खान, एजाज़ गद्दी, तनवीर आलम, असफर खान, साजिद उमर, सज्जाद इदरीसी, एस अली आदि सैकड़ों लोग शामिल थे। संचालन मुफ्ती तलहा नदवी ने किया।


