पंडरी मोवा में मंगलवार की सुबह चीतल की सींग की तस्करी करने वाले दो तस्कर भाई पकड़े गए। वन विभाग की टीम ने तस्करों को उनके घर के पास ही पकड़ा। दोनों मोपेड पर दो चीतलों की सींग बेचने जा रहे थे। वन विभाग के घेरेबंदी में फंसने के बाद तस्करों ने सींगों को थैले से निकालकर फेंका और भागने की कोशिश की। लेकिन कामयाब नहीं हो सके। तस्करों से जब्त सींगों की कीमत करीब 4 लाख बताई जा रही है। तस्कर भाइयों के अवैध शिकार का केस बनाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। वन विभाग के अफसरों के अनुसार पीसीसीएफ श्रीनिवास राव को राजधानी में चीतल के अवैध शिकार और सींगों की तस्करी का इनपुट मिला था। उनके इनपुट के बाद ही रायपुर रेंज की टीम ने खोजबीन शुरू की। इस दौरान यासिर खान और काजी मोहम्मद का पता चला। उनका लोकेशन ट्रेस करने के लिए पुलिस की भी मदद ली गई। तीन दिन की खोजबीन के बाद तस्करों का लोकेशन मिला। ये सूचना भी मिली कि दोनों भाई यासिर और काजी मंगलवार को चीतल की सींग बेचने निकलेंगे। इस सूचना के बाद उड़नदस्ता अधिकारी और रेंजर दीपक तिवारी व उनकी टीम तस्करों के घर आने जाने वाले सभी रास्तों में तैनात हो गई। सुबह करीब 11 बजे दोनों एक्टिवा में एक सामान्य थैली में चीतल की सींग रखकर निकले। वन विभाग की टीम ने जैसे ही दबोचा, दोनों विवाद करने लगे। उन्होंने पहले तो सींगों को बाहर निकालकर फेंका और ये बताने की कोशिश की कि ये सींगे उनकी नहीं हैं। फिर गाड़ी से कूदकर भागने का भी प्रयास किया। तस्करों से जब्त सींग में एक चीतल की मुंडी के साथ है, जबकि दूसरी केवल सींग है। अफसरों के अनुसार बाजार में इन सींगों की अच्छी मांग है। चीतल के सींग कहां से लाए गए? इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वे सींग कहां बेचने जा रहे थे, इस बारे में भी पता लगाया जा रहा है। आरोपियों का मोबाइल जब्त कर लिया गया है।


