भास्कर न्यूज | गिरिडीह जिले भर के राशनकार्ड धारकों को ई‐केवाईसी करवाने के लिए दी गई अंतिम तिथि आज बुधवार को समाप्त हो जाएगी। अगर आपने अब तक किसी कारणवश ई-केवाईसी नहीं करवाया है, तो जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लें। सरकार द्वारा पहले ही ई‐कवाईसी के लिए अंतिम तिथि 30 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 की जा चुकी है। 30 अप्रैल तक अगर आपने ई‐कवाईसी नहीं करवाया, तो आपका नाम राशन कार्ड की सूची से कट सकता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पीएचएच (गुलाबी) और अन्त्योदय (पीला) और ग्रीन राशनकार्डधारियों को अपना ई केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई थी है। जिले भर में कुल राशन कार्ड की संख्या 4 लाख 63 हजार 108 है, जिनमें से 28 अप्रैल तक केवल 1 लाख 49 हजार 198 राशन कॉर्ड को पूरी तरह से ई केवाईसी किया जा सका है। वहीं 4 लाख 28 हजार 552 राशन कार्डधारकों का अधूरा ई केवाईसी किया गया है और 24 हजार 262 राशन कार्ड का ई केवाईसी नहीं हुआ है। जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से जुड़े कुल लाभुक सदस्यों की संख्या 22 लाख 34 हजार 410 है, लेकिन 28 अप्रैल तक केवल 16लाख 32हजार 092 सदस्यों का ही ई‐केवाईसी हो पाया था। अंतिम तिथि तक 24 हजार 262 राशन कार्ड के लाभुक ई‐कवाईसी कराने से वंचित हैं। खााद्य, सार्वजनिक वितरण व उपभोक्ता मामले विभाग से सभी जिला को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि इसे अंतिम निर्धारित तिथि 30 अप्रैल से पूर्व शत प्रतिशत किसी भी हाल में करना सुनिश्चित करें। सभी डीलरों और एमओ को शत प्रतिशत ई-केवाईसी का निर्देश खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी ने मार्च में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को पत्र जारी कर अंतिम तिथि तक शत प्रतिशत ई-केवाईसी का काम पूरा करने का निर्देश दिया था ।वैसे राशन कार्डधारी जो अपना राशन कार्ड में सभी सदस्यों का ई केवाईसी नहीं करवाते हैं, उनका नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। ई केवाईसी के लिए निर्धारित समय-सीमा छह बार बढ़ाया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2025 है। इसके बाद ई-केवाईसी के लिए अंतिम समय-सीमा बढ़ाये जाने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत ई-केवाईसी का काम पूरा नहीं कराने वाले प्रखंडों के अनाज आवंटन में कटौती की जाएगी। केंद्र सरकार ने अनाज वितरण में पारदर्शिता और डुप्लीकेसी रोकने के लिए सभी राशनकार्ड धारी सदस्यों की ई‐केवाईसी को अनिवार्य किया गया है।


