भास्कर न्यूज | जांजगीर वाहनों पर एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) लगाना अनिवार्य किया गया है। 1 अप्रैल 2019 से पहले के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों में इसे लगवाना जरूरी है, लेकिन जिले में बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ट्रैक्टर अवैध रूप से रेत, गिट्टी, मुरुम लेकर चल रहे हैं। जिन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। ट्रैक्टर चालक यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ट्रैक्टर की ठोकर से लोगों की जान जा रही। जिले में कृषि कार्य के लिए खरीदे गए पंजीकृत ट्रैक्टरों का उपयोग कॉमर्शियल हो रहा है। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर जिलेवासियों के लिए काल बने हुए हैं। जिनसे हर वक्त लोगों पर हादसे का खतरा बना हुआ है। ट्रैक्टर का पंजीयन कृषि उपयोगी कार्यों के लिए होता है, लेकिन सड़कों पर रेत, मुरूम, मिट्टी ढोने में उपयोग हो रहा। तीन दिन पहले जांजगीर-चांपा मार्ग पर ओवरब्रिज के पास फेरी वाले को ट्रैक्टर ने अपनी चपेट में लिया था, वहीं 28 अप्रैल को बलौदा क्षेत्र में ट्रैक्टर की ठोकर से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। बृजलाल लहरे (55) को अज्ञात ट्रैक्टर ने अपनी चपेट में लिया है। उनकी मौत हो गई है। बाइक संख्या सीजी 11 एएन 9374 पर बृजलाल करन के साथ निकले थे। करन पीछे बैठा था। 28 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे दोनों ग्राम हरदी के विशाल नाला के पास मेन रोड पर पहुंचे। तभी सामने से आ रहे एक अज्ञात ट्रैक्टर चालक ने तेज और लापरवाही से टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गिर पड़े। करन दूर जा गिरा। बृजलाल वहीं सड़क पर गिर पड़े। उनके सिर और माथे पर गंभीर चोट लगी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भाग गया। निजी वाहन से बृजलाल को सीएचसी बलौदा पहुंचाया गया। लेकिन बृजलाल की मौत हो चुकी थी। नदी के पास लगे गांव में ट्रैक्टरों की संख्या अधिक है, क्योंकि यहां से आसानी से रेत परिवहन होता है। नदी के पास गांव में काफी रेत होने का फायदा कुछ लोगों ने खूब उठाया और वे ट्रैक्टर खरीदकर मालामाल होते गए। जिला मुख्यालय से लगे हसदेव नदी के पास ग्राम पीथमपुर, खोरसी, जर्वे सहित आस पास के इलाके में कई लोगों ने ट्रैक्टर खरीदी है। इधर ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक और जान गई शहर में प्रतिबंध का असर नहीं शहर में कलेक्टोरेट रोड से लेकर जिला अस्पताल और आरटीओ जाने वाले रास्ते पर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा ट्रैक्टर व भारी वाहन के प्रवेश पर रोक लगाई थी। पुलिस द्वारा बोर्ड भी लगाए गए थे, लेकिन ट्रैक्टर चालक उसी रास्ते का उपयोग करने में जुटे रहते हैं। कलेक्ट्रेट जाने वाले रास्ते में जिला अस्पताल, जज के निवास स्थान, जिला अस्पताल व अन्य शासकीय कार्यालय है। पीथमपुर से रेत लेकर ट्रैक्टर चालक इसी रास्ते से होकर कई बार शहर में प्रवेश करते हैं।


