छत्तीसगढ़ में टीचर्स और स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का फॉर्मूला:शिक्षक संघ नाराज, पेरेंट्स समर्थन में; कांग्रेस बोली- स्कूल बंद करने की साजिश

छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानी री-एडजस्टमेंट शुरू करने का फैसला लिया है। मतलब ये कि जहां जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, वहां से हटाकर उन्हें उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं या बहुत कम हैं। सरकार ने इसकी टाइम लाइन जारी कर दी है। इस फैसले से शिक्षकों में खासी नाराजगी है, जबकि पेरेंट्स एसोसिएशन इसे बच्चों के हित में बता रहा है, और कांग्रेस इसे स्कूलों को बंद करने की साजिश करार दे रही है। ये है युक्तियुक्तकरण का फॉर्मूला – कहां से टीचर हटेंगे, कहां भेजे जाएंगे? स्कूलों का युक्तियुक्तकरण (जब एक ही परिसर में कई स्कूल हों) 2. शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण (जहां ज्यादा टीचर हैं) 3. छात्रों का समायोजन (छात्रों को दूर नहीं भेजा जाएगा) टीचर्स नाराज – बोले, स्कूलों का सेटअप बिगड़ जाएगा शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर स्कूलों का पूरा ढांचा बिगाड़ा जा रहा है। शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे का मानना है कि इस ‘युक्तियुक्तकरण’ से स्कूल का पूरा सेटअप बिगड़ जाएगा। दुबे कहते हैं कि पहले 57,000 से ज़्यादा शिक्षक पद खाली रहने पर प्रमोशन या नई भर्ती क्यों नहीं हुई, और अब जो टीचर हैं, उन्हें इधर-उधर धकेलने से बच्चों की पढ़ाई, मिड-डे मील और उनकी सुरक्षा पर खतरा है। शिक्षक संघों की दलील टीचर्स का आरोप है कि 2024 में भी इसी मुद्दे पर विवाद हुआ था और तब प्रक्रिया रोक दी गई थी। लेकिन अब बिना समीक्षा के फिर से वही ऑर्डर लागू किया जा रहा है। पेरेंट्स एसोसिएशन समर्थन में – बोले, अब हर स्कूल में मिलेगा शिक्षक इसी बीच छत्तीसगढ़ के पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष क्रिस्टोफर पॉल ने सरकार के इस कदम का खुलकर समर्थन किया। पॉल कहते हैं कि ‘गांवों के सुनसान स्कूलों में पढ़ाई ठप थी, जबकि शहरों में टीचर खाली बैठ रहे थे। युक्तियुक्तकरण से हर स्कूल में कम-से-कम दो-तीन शिक्षक होंगे, मिड-डे मील और क्लासरूम की देख-रेख बेहतर होगी, और विद्यार्थियों को पढ़ाई में कोई रुकावट नहीं आएगी।’ पॉल का कहना है कि प्रदेश में 13 हजार शिक्षक सरप्लस हैं। जबकि बड़ी संख्या में पद खाली हैं। ऐसे में बिना काम के इन शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा था, जिसकी जांच होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन इस फैसले के साथ है। उनका कहना है कि ये फैसला जरूरी है क्योंकि हजारों स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षक नहीं हैं या सिर्फ एक शिक्षक है। कांग्रेस ने किया विरोध – बोली, यह स्कूल बंद करने की साजिश है कांग्रेस ने युक्तियुक्तकरण को लेकर सरकार को निशाने पर लिया है पार्टी प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि कांग्रेस ने इस पूरे फैसले को ‘शिक्षकों का भयादोहन और स्कूल बंद करने की साजिश’ करार दिया है। प्रवक्ता वर्मा कहते हैं कि ‘बिना किसी बातचीत के हजारों स्कूलों को बंद और रिक्त पदों को खत्म करने की ठगी है यह युक्तियुक्तकरण। पहले प्रमोशन, ट्रांसफर नीति और नई भर्ती पूरी हों, फिर इस तरह का बैलेंस बनाया जाए।’ कांग्रेस के आरोप ……………………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ के 4000 से ज्यादा स्कूल मर्ज होंगे:297 ग्रामीण स्कूलों में शिक्षक नहीं, शहरों में 7305 टीचर्स जरूरत से ज्यादा, बैलेंस किए जाएंगे छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण (जिन स्कूलों में राष्ट्रीय मानक से कम विद्यार्थी होंगे, उन्हें आस-पास के स्कूलों में मर्ज किया जाना) शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है। 7 मई से स्कूलों और 15 मई से शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण शुरू होगा। दरअसल, गांवों के स्कूलों में टीचर्स की कमी है और शहरों में जरूरत से ज्यादा टीचर पोस्टेड हैं। इसी को बैलेंस करने के लिए ये प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…

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