लुधियाना नगर निगम चुनाव में जहां चार आम आदमी पार्टी के विधायकों में से दो की पत्नियां नगर निगम चुनाव हार गई, वहीं दो विधायकों के बेटे चुनाव जीतने में सफल रहे। चुनाव में आम आदमी पार्टी 41 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। जिसके बाद चुनाव जितने वाले आम आदमी पार्टी के विधायकों के बेटे मेयर पद की दौड़ में है। वहीं, अगर शहरी नार्थ हलके की बात करें तो यहा AAP का काफी दबदबा देखने को मिला है। निगम चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष संजय तलवाड ने सोशल मीडिया पे पोस्ट शेयर करके सभी को आश्चर्य में डाल दिया है। उन्होंने पोस्ट डाल लिखा कि मेयर कांग्रेस पार्टी का ही बनेगा-आम आदमी पार्टी का नहीं। 16 में से 11 वार्ड AAP ने जीते लुधियाना नार्थ हलds के विधायक मदन लाल बग्गा अपने हलके में काफी मजबूत रहे। उनके हलके में 16 वार्ड आते हैं जहां से आम आदमी पार्टी ने 11 वार्ड जीते। बग्गा के बेटे अमन बग्गा भी चुनाव जीत गए, वहीं उनके समर्थक भी चुनाव जीतने में सफल रहे। चुनाव जीतने के बाद अमन बग्गा अब मेयर पद की दौड़ मे आ गए हैं। क्योंकि नार्थ हलके में आम आदमी पार्टी की मजबूती से विधायक मदन लाल बग्गा का कद भी बढ़ा है। बग्गा और सिद्धू के बेटे पद की दौड़ में विधायक मदन लाल बग्गा और विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू के बेटे चुनाव जीत गए, जिसके बाद दोनों विधायकों के बेटे जहां मेयर पद की दौड़ में हैं, तो वहीं चुनाव जीते अमन बग्गा सबसे मजबूत दावेदार हैं। वहीं चुनाव हारे विधायक अशोक पराशर पप्पी और गुरप्रीत गोगी की पत्नियां बेशक चुनाव हार गई, लेकिन उन्हें नजरअंदाज करना पार्टी को भारी पड़ सकता है। वहीं विधायक छीना को भी पार्टी नजरअंदाज नहीं कर सकेगी। 7 सीटों के लिए शुरू हुई जोड़तोड़ की राजनीति लुधियाना में कुल 95 वार्ड हैं और ऐसे में मेयर के लिए किसी भी पार्टी को 48 सीटें चाहिए, लेकिन निगम चुनाव के नतीजों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं हुआ। बेशक आम आदमी पार्टी 41 सीटे जीतकर बड़ी पार्टी तो बनी, लेकिन बहुमत हासिल ना होने से हाईकमान भी असमंजस में पड़ गया है। इस चुनाव में कांग्रेस को 30 सीटें मिली हैं, जबकि भाजपा को 19 और शिअद 2 सीटें मिली हैं। 3 आजाद उम्मीदवार भी जीते हैं और अब जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो चुकी है। बहुमत के लिए आम आदमी पार्टी को 7 सीटें और चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष की पोस्ट से मचा हड़कंप चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजय तलवाड द्वारा सोशल मीडिया में पोस्ट डाली गई जिसमें उन्होंने लिखा की लुधियाना में मेयर कांग्रेस का ही बनेगा ना कि आम आदमी पार्टी का। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक खलियारों में हड़कंप मच गया है। राजनीतिक सूत्रों से पता चला है कि कांग्रेस व भाजपा मिलकर मेयर बना सकते हैं। जिसमें कांग्रेस अपना मेयर बनाएगी, जबकि भाजपा सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का पद ले सकती है। नार्थ को छोड़ बाकी विधायकों के हलकों में AAP का हाल बुरा निगम चुनाव में नार्थ को छोड़कर बाकी आम आदमी पार्टी के विधायकों के हलकों में आम आदमी पार्टी का बेहद बुरा हाल देखने को मिला। विधायक अशोक पराशर पप्पी के हलके में 15 वार्ड आते हैं जिसमें AAP केवल 4 सीटें ही जीत पाई। पप्पी अपने वार्ड से भी हार गए] वहां से भाजपा उम्मीदवार जीती। वहीं विधायक रजिंदरपाल कौर छीना के हलके में भी आम आदमी पार्टी पिछड़ गई, वहां से AAP को महज 2 सीटें ही मिली। कुलवंत सिद्धू बेटे को जीता पाए, लेकिन हलके में पिछडे़ वहीं आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू का बेटा बेशक चुनाव जीत गया, लेकिन विधायक सिद्धू अपने हलके में बुरी तरह से पिछड़ गए। उनके आत्मनगर हलके में 12 वार्ड आते हैं जहां आम आदमी पार्टी को महज 5 सीटें मिली, जबकि 5 सीटें कांग्रेस, 1 भाजपा और 1 अकाली दल जीता।


