करियर और फ्यूचर की चिंता, नई जगहों में एडजस्ट न कर पाने और कई अन्य कारणों के चलते शहर के युवाओं में गुस्सा और चिड़चिड़ापन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में माहिरों के पास इन परेशानियों और गुस्से को कंट्रोल न कर पाने की समस्या से जूझ रहे युवा पहुंच रहे हैं। एक्सपर्ट्स के पास रोजाना इस तरह के 4-5 मरीज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई केस में स्ट्रेस और चिंता के कारण सेहत पर भी कई अन्य तरह के भी प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया का प्रभाव, दोस्तों और रिलेशनशिप में बदलाव भी इन केस के अहम कारणों में हैं। मनपसंद एक्टिविटी करें साइकियाट्रिस्ट डॉ गुरप्रताप सिंह ने बताया कि गुस्से को शांत करने के लिए मनपसंद एक्टिविटी जैसे डांस, गाने सुन सकते हैं या फिर कोई भी अपनी हॉबी करें। दिमाग को शांत करने को उल्टी गिनती करें। ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें साइकियाट्रिस्ट डॉ हरप्रीत सिंह ने बताया कि गुस्सा आने पर किसी दोस्त या परिजनों से बात करनी चाहिए। कुछ वक्त के लिए उस जगह से हट जाना चाहिए और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। गुस्सा शांत करने के लिए उस स्थान से तुरंत हट जाएं केस 1: ऑफिस का गुस्सा घरवालों पर निकालती थी:एक 25 साल की युवती ने आईटी इंडस्ट्री में नया ऑफिस जॉइन किया। वह ऑफिस में बॉस और सहकर्मियों की डांट से काफी परेशान हो जाती थी। मौके पर कुछ बोल न पाने के कारण अपने घरवालों पर गुस्सा निकालने लगी। घरवालों ने डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उसको शांत रहने के लिए दवाइयां दीं और ब्रीदिंग एक्सरसाइज बताई। अब, उसके व्यवहार में सुधार है। केस 2: दोस्तों से लड़ाई के बाद खुद को बुरा इंसान मानने लगा:19 साल के स्टूडेंट की दोस्तों से किसी बात पर कहासुनी हो गई। उसके बाद उसे लगने लगा कि वह बहुत बुरा इंसान है। इसी सोच के कारण गुस्सा करना शुरू कर दिया। घरवालों पर हाथ तक उठा दिया। पेरेंट्स ने डॉक्टर से सलाह ली। डॉक्टर ने उसको शांत रहने के लिए दवाई भी रिकमेंड की है। केस 3: मोटापे के कारण बना मजाक: कॉलेज में दाखिल हुए 18 साल के स्टूडेंट को उसके मोटापे के कारण मजाक का सामना करना पड़ा। इसका असर यह हुआ कि वह चिड़चिड़ा हो गया और सबसे ऊंची आवाज में बात करने लगा।


