पहलगाम-हमले से जुड़ी विवादित पोस्ट पर क्रिश्चियन नेता पर FIR:रायपुर में हिंदू संगठनों ने किया था अर्धनग्न प्रदर्शन, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप

जम्मू कश्मीर के पहलगाम हमले के 26 मृतकों की फर्जी लिस्ट सोशल मीडिया में पोस्ट करने के बाद रायपुर में जमकर बवाल मचा था। इस मामले में अब छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के नेता अरुण पन्नालाल पर पुलिस ने FIR दर्ज किया है। जिसमें पन्नालाल पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप है। इस मामले में हिंदू संगठनों ने आरोपी के घर के बाहर रातभर अर्धनग्न प्रदर्शन कर विरोध जताया था।
इस मामले में गौ सेवक आदेश सोनी ने बताया कि अरुण पन्नालाल क्रिश्चियन फोरम से जुड़ा नेता है। उसने पहलगाम हमले के बाद अपने सोशल मीडिया में एक लिस्ट जारी की। जिसमें हमले में 26 लोगों की मौत में 15 मुस्लिम समुदाय से बताया। इस लिस्ट में कई फर्जी नाम भी शामिल थे। यह लिस्ट पूरी तरह फर्जी और झूठी थी। इसमें शहीदों के नाम को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया था। 5 घंटे तक अर्धनग्न प्रदर्शन किया सोनी ने कहा कि अरुण पन्नालाल के खिलाफ हमने आजाद चौक थाने में शिकायत दी। इसके बाद पन्नालाल के खम्हारडीह थाना इलाके स्थित घर के बाहर रात में करीब 5 घंटे तक अर्धनग्न प्रदर्शन किया। इस दौरान हमने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस विरोध प्रदर्शन में कई अन्य हिंदू संगठन भी शामिल गए। प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी हुई। दिनेश के परिवार ने भी जताई थी नाराजगी सोशल मीडिया में जो फर्जी लिस्ट जारी हुई उसमें रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया का नाम शामिल नहीं था। जिसके बाद दिनेश के रिश्तेदार अमर बंसल ने भी पुलिस में पन्नालाल के खिलाफ शिकायत दी थी। इस शिकायत के बाद पन्नालाल ने परिवार के लोगों से माफी मांगी थी। लेकिन हिंदू संगठन के कार्यकर्ता लगातार एक्शन की मांग कर रहे थे। फिलहाल आजाद चौक पुलिस ने अरुण पन्नालाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस इस मामले में अब आगे की कार्रवाई करेगी। पन्नालाल ने प्रदर्शन को बताया था गलत इस मामले में अरुण पन्नालाल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि जो सोशल मीडिया पोस्ट को हटा लिया गया था। फिलहाल उनकी आईडी में इस लिस्ट से जुड़ी कोई भी पोस्ट नहीं है। पन्नालाल ने हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन को गलत बताया था। मसीह समुदाय ने किया था विवाद से किनारा इस मामले में क्रिश्चियन समुदाय के एक संगठन डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने इस विवाद से किनारा किया था। इसके सचिव और प्रवक्ता नीतिन लॉरेंस ने कहा था कि छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम पूरे मसीही समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। मसीही समाज शासन प्रशासन के साथ मिलकर काम करता है। वह किसी भी एक तरफ बयानों का समर्थन नहीं करता है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहने की बात कही है।

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