जोमैटो ने 15 मिनट में डिलीवरी सर्विस बंद की:4 महीने पहले लॉन्च की थी; अब ब्लिंकिट के बिस्ट्रो पर फोकस कर रही कंपनी

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (इटर्नल) ने 15 मिनट में क्विक डिलीवरी सर्विस को बंद कर दिया है। यह फीचर चार महीने पहले ही लॉन्च किया गया था। इसे बेंगलुरु, गुरुग्राम, हैदराबाद, मुंबई जैसी मेट्रो सिटी में हैवी एडवर्टाइजमेंट के साथ पेश किया गया था। जोमैटो क्विक, यूजर्स को 2 किलोमीटर के दायरे में 15 मिनट के अंदर रेडी-टू-ईट फूड ऑप्शन देता था। कंपनी सीईओ दीपिंदर गोयल हाल ही दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि रेस्तरां पार्टनर्स की कमी और प्रोडक्ट-मार्केट फिट (PMF) के सही न होने से क्विक डिलीवरी सर्विस में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इससे इससे पहले 2022 में जोमैटो इंस्टेंट नाम की 10 मिनट डिलीवरी सर्विस भी बंद की थी। इसे जोमैटो एवरीडे से रिप्लेस किया गया था। लेकिन बाद में एवरीडे सर्विस को भी ऐप से हटा दिया गया। दूसरी बार फेल हुई कोशिश, अब ब्लिंकिट के बिस्ट्रो पर फोकस जोमैटो ने क्विक फूड डिलीवरी मार्केट में दूसरी बार कदम रखने की कोशिश की थी। मार्च तक क्विक सर्विस कुल ऑर्डर का 8% हिस्सा थी। इसे बंद करने के बाद अब जोमैटो अपनी सब्सिडियरी कंपनी ब्लिंकिट बिस्ट्रो एप पर फोकस कर रही है। दिसंबर 2024 में जोमैटो की सब्सिडियरी ब्लिंकिट ने ‘बिस्ट्रो’ लॉन्च किया दिसंबर 2024 में कंपनी की क्विक-कॉमर्स सब्सिडियरी ब्लिंकिट ने ‘बिस्ट्रो’ लॉन्च किया था। इस प्लेटफॉर्म से कंपनी 10 मिनट में स्नैक्स, मील्स और बेवरेजेस की डिलीवरी देने का वादा करती है। इससे पहले जोमैटो की राइवल जेप्टो ने जेप्टो कैफे अनवील किया था। जोमैटो का यह ऐप इंस्टेंट फूड डिलीवरी सेगमेंट में स्विगी के स्विगी बोल्ट और जेप्टो के जेप्टो कैफे के बाद आया है। अभी ये सभी ऐप प्रॉपर मील्स नहीं सेल करती हैं, बल्कि रेडीमेड फूड आइटम्स और स्नैक्स जैसे समोसे, सैंडविच, कॉफी, पेस्ट्री और अन्य सामान बेचती हैं। सालाना आधार पर 57% कम हुआ मुनाफा जोमैटो को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 59 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। हालांकि, सालाना आधार पर इसमें 57% की कमी आई है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 138 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा हुआ था। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जोमैटो का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 64% बढ़कर 5,405 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में जोमैटो ने 3,288 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *