मिट्टी के घड़े से स्कूल के बच्चों ने पेड़-पौधों को दिया पानी

भास्कर न्यूज | दामापुर ग्राम पंचायत पेंड्रीकला स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में बुधवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर विशेष कार्यक्रम हुआ। बच्चों को इस दिन के धार्मिक और पौराणिक महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में लगे बरगद, बादाम और अन्य पेड़ों को पानी दिया। बच्चे अपने घरों से मिट्टी के घड़े लेकर आए थे। इसी घड़े से स्कूल परिसर में लगे पेड़-पौधों को जल चढ़ाया। इस माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जुड़ने और अक्षय तृतीया के महत्व को समझाया गया। इस दौरान संस्था प्रमुख बैजनाथ चंद्राकर, शिक्षक भुनेश्वर सिंह चौहान, शिक्षिका जानकी चुरेन्द्र, पालक सीताराम पटेल, पीलाराम यादव, भाईराम पटेल, प्रीतम कश्यप और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया इस पर्व का महत्व कार्यक्रम में शिक्षकों ने स्कूली बच्चों को अक्षय तृतीया का महत्व बताया। बताया कि हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह तिथि स्वयं सिद्ध मानी जाती है। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना जैसे सभी मांगलिक कार्य बिना पंचांग देखे किए जा सकते हैं। सनातन धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। पर्व को लेकर उत्साह देखा गया। इस दिन बिना मुहूर्त के भी शुभ काम किया जाता है अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में सबसे शुभ तिथि माना गया है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग और मुहूर्त के किया जा सकता है। मान्यता है कि इसी दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। भगवान विष्णु के छठवें अवतार परशुराम का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इसलिए अक्षय तृतीय के दिन भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाती है। विद्यालय में हुए इस आयोजन से बच्चों को धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्रेम और सेवा की भावना भी सिखाई गई।

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