गिरते लिंगानुपात को रोकने, बालिका शिक्षा में सुधार, आर्थिक संबल प्रदान करने, बालिका के भविष्य को सुरक्षित करने और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना में निवेश किए जाने के लिए भारतीय डाक विभाग के साथ एमओयू हस्ताक्षर होने के बाद लगातार सुधार आ रहा है। झालावाड़ जिले में योजना के तहत एक महीने में 7 लाभार्थी बालिकाओं के लिए डाक विभाग से संचालित की जाने वाली अल्प बचत योजनाओं और सुकन्या समृद्धि खाते में निवेश किया है। वर्तमान में भी योजना में कई लाभार्थियों की ओर से आवेदन किया है, जो जल्द ही अल्प बचत योजनाओं और सुकन्या समृद्धि खाते में निवेश होगा। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प.क.) डॉ. अरविन्द कुमार नागर ने बताया कि जिले में होने वाले नसबंदी केसों में एक या दो बालिका पर नसबंदी करवाने वाले दम्पतियों की बालिकाओं का राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना के अन्तर्गत निकटतम डाकघर में सुकन्या खाते खुलवाए जा रहे हैं। चिकित्सा विभाग आमजन से अपील करता है कि वे भी योजनान्तर्गत अपनी बेटियों के खाते अवश्य खुलवाएं। सुकन्या समृद्धि योजनान्तर्गत पात्रता
राज्य में पुत्र रहित दंपती जो एक या दो बच्ची होने पर अपना नसबंदी ऑपरेशन करा लेते है और योजना के अन्तर्गत आवेदन करते हैं, तो उन्हें योजना में प्रत्येक बालिका के नाम से राशि 30 हजार रुपए भारतीय डाक विभाग की ओर से संचालित की जाने वाली अल्प बचत योजनाओं और सुकन्या समृद्धि खाते में एक मुश्त जमा करवाई जाएगी। राज्य के पुत्र रहित दंपती द्वारा एक अथवा दो बालिकाओं पर सरकारी अथवा सरकार से मान्यता प्राप्त निजी संस्थान अथवा गैर सरकारी संस्था पर नसबंदी करवाने पर बालिका की उम्र 0 से 10 वर्ष की होने तक निर्धारित है। योजना का उद्देश्य
गिरते हुए लिंगानुपात को रोकना, बाल विवाह को रोकना, बालिका शिक्षा में सुधार, बालिका और उसके माता-पिता को आर्थिक संबल प्रदान करना, बालिका के भविष्य को सुरक्षित करना, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, परिवार में बेटियों के सर्वांगीण विकास और अच्छी शिक्षा दिलवाने के लिए माता-पिता के साथ-साथ सरकार की भागीदारी है।


