द पैलेस स्कूल में स्टूडेंट्स ने ग्रेजुएशन डे मनाया:गीत-संगीत और फन एक्टिविटी के साथ स्टूडेंट्स ने स्कूल डेज को कहा अलविदा, 12वीं के स्टूडेंट्स को मिली स्मृति चिह्न और प्रशंसा पत्र

द पैलेस स्कूल में सत्र 2024-25 स्कूल ग्रेजुएशन डे उत्सव के रूप में मनाया गया । इस अवसर पर स्टूडेंट्स द्वारा अभिभावकों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल प्रिंसिपल उर्वशी वॉरमैन, हैड ब्वॉय और हैड गर्ल द्वारा प्रार्थना श्लोक के साथ दीप प्रज्ज्वलित करके की गई। उसके बाद स्टूडेंट परिषद् सत्र 2024-25 के समर्पित सदस्यों को प्रशंसा प्रमाण- पत्र प्रदान किए गए, जिसके माध्यम से स्कूल प्रबंधन ने द्वारा पूरे सत्र में खेल गतिविधियों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सुचारु रूप से आयोजित करने में शिक्षकों के साथ पूरी लगन और कठिन परिश्रम से उनके अमूल्य योगदान को सराहा । मंच पर गविश विजयवर्गीय की माता गरिमा विजयवर्गीय और आलिया हुसैन की माता नाज़िया हुसैन ने स्कूल के स्टूडेंट्स के अविस्मरणीय पलों को और स्कूल प्रबंधन के सहयोग को व्यक्त करके समारोह को और भी खास बना दिया। दोनों अभिभावकों ने स्कूल और शिक्षकों के प्रति उनके अटूट विश्वास और मार्गदर्शन के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की, जिसका उनके बच्चों की स्कूल जर्नी पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। इस कार्यक्रम का सबसे मार्मिक क्षण वह था जब क्लास 12 के स्टूडेंट्स को प्यार और प्रशंसा के प्रतीक के रूप में स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इसके लिए स्टूडेंट्स को अभिभावकों के साथ मंच पर आमंत्रित किया गया । कार्यक्रम के समापन से पूर्व वैलेडिक्टोरियन अथर्व बिंवाल ने एक भावपूर्ण भाषण दिया। उसके इन शब्दों ने स्टूडेंट्स के जीवन पर शिक्षकों के द्वारा दी गई शिक्षा के स्थायी प्रभाव को खूबसूरती से उजागर किया। इस अवसर पर महोदया महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय संग्रहालय ट्रस्ट की कार्यकारी ट्रस्टी और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सदस्या रमा दत्त ने स्टूडेंट्स को आशीर्वचनों से अभिसिंचित करते हुए कहा कि आप अपने ज्ञान का उपयोग देशहितार्थ ही करने के लिए कटिबद्ध रहने का प्रयास करें । स्कूल प्रिंसिपल उर्वशी वॉरमैन ने अपने संबोधन में कहा कि स्टूडेंट्स को अपने स्टूडेंट्स जीवन में प्राप्त ज्ञान को जीवन में संतुलन बनाए रखते हुए क्रियान्वित करना चाहिए। जीवन‌ में आने वाली चुनौतियों का सामना धैर्य, दृढ़ता, शक्ति और जुनून जैसे गुणों के साथ करने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें जीवन की चुनौतियों के दौरान अपने माता-पिता और गुरु के साथ जुड़े रहने के महत्त्व का स्मरण करवाया । साथ ही असफलताओं से निराश नहीं बल्कि अपनी कमियों को खोजकर पुनः सफलता के लिए अथक प्रयास करने के बारे में भी बात की। समारोह का समापन हैड ब्वॉय द्वारा धन्यवाद भाषण के साथ हुआ, जिसके बाद स्कूल ग्रेजुएशन की उपाधि प्राप्त करने वाले बैच को उल्लासित एवं भावुक हृदय से विदाई दी गई।

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