अब शादी की सालगिरह सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि जिंदगी के खास पलों को फिर से जीने का मौका बन रही है। खासकर 25वीं (सिल्वर जुबली) और 50वीं (गोल्डन जुबली) वेडिंग एनिवर्सरी को लेकर लोगों में एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आ रहा है। बच्चे अपने माता-पिता की इस खास तारीख को यादगार बनाने के लिए 10 से 20 लाख रुपये तक भी खर्च कर रहे हैं। किसी रिसॉर्ट में डेस्टिनेशन एनिवर्सरी से लेकर थीम डेकोरेशन, पुराने शादी के लम्हों की री-क्रिएट किया जा रहा है। इस तरह माता-पिता को फिर से शादी की रस्मों के जरिए स्पेशल फील कराया जा रहा है। नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा सिल्वर और गोल्डन जुबली वेडिंग एनिवर्सरी पर शादी जैसा माहौल बनाया जा रहा है। बच्चों का फोकस इस बात पर होता है कि उनके माता-पिता को फिर से वही फील आए जो उनकी शादी में था। जब बच्चे अपने माता-पिता की लंबी साझेदारी का सम्मान इस तरह से करते हैं, तो वह केवल एक सेलिब्रेशन नहीं बल्कि नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा भी बनता है। एक दिन पहले मेहंदी, हल्दी और फेरों की रस्में भी अदा की जा रही केस 1 : बच्चों ने दोहराई माता-पिता की शादी की यादें : बेटे और बेटी ने पेरेंट्स की 25वीं सालगिरह पर पांच सितारा होटल में खास पार्टी रखी। मां के लिए स्पेशल लहंगा और पापा के लिए शेरवानी तैयार करवाई गई। एक दिन पहले मेहंदी, हल्दी और फेरों की रस्में भी हुईं। केस 2: उनकी कहानी, हमारी जुबानी स्पेशल कोरियोग्राफी तैयार की : बच्चों ने पेरेंट्स की 50वीं एनीवर्सरी पर रिश्तेदारों के साथ मिलकर ऐसा सरप्राइज प्लान किया, जिसने सबको भावुक कर दिया। वेन्यू को पुरानी तस्वीरों और यादगार चीजों से सजाया गया। उनकी कहानी, हमारी जुबानी थीम के तहत सभी उम्र के पारिवारिक सदस्यों ने एक स्पेशल कोरियोग्राफी तैयार की, जिसमें माता-पिता की जीवन यात्रा, संघर्ष और साथ के लम्हों को दिखाया गया। केस 3 : बारात निकली, ढोल नगाड़े बजे और जयमाला हुई : बच्चों ने पेरेंट्स की गोल्डन जुबली वेडिंग एनिवर्सरी पर फार्महाउस बुक कराया, जहां विवाह की सारी रस्में करवाई गईं। बारात निकली, ढोल-नगाड़े बजे, रिश्तेदारों ने फूल बरसाए और स्टेज पर जयमाला हुई।


