भास्कर न्यूज | लुधियाना भारत सरकार की ओर से 4 से 15 मई तक बिहार में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 इस बार लुधियाना और पंजाब के लिए खास बन गया है। पहली बार पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक युद्ध कला गतका को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। देशभर से 125 लड़के और 125 लड़कियां गतका मुकाबलों में हिस्सा लेंगी। इनमें से पंजाब के 17 खिलाड़ियों को चयनित किया गया है, जो इंटरनेशनल गतका फाउंडेशन से जुड़े हैं। लुधियाना के लिए यह गर्व की बात है कि शहर से 3 लड़के और 3 लड़कियां इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। लड़कों में गुरसेवक सिंह, जगजीत सिंह और एक अन्य गुरसेवक सिंह (नाम समान लेकिन अलग खिलाड़ी) शामिल हैं। लड़कियों में तमना और दो अन्य खिलाड़ी शामिल हैं, जिनका चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। इन खिलाड़ियों को बीते 7 वर्षों से कोच रघुबीर सिंह और इंदरप्रीत कौर प्रशिक्षण दे रहे हैं। दोनों प्रशिक्षकों ने लुधियाना में गतका को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा, फिटनेस और सिख पहचान के संरक्षण का माध्यम बनाया है। इंदरप्रीत कौर ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार लड़कियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज लगभग 150 लड़कियां नियमित रूप से गतका सीख रही हैं, जो इस खेल के बढ़ते प्रभाव और प्रासंगिकता को दर्शाता है। लुधियाना के सुखदीप सिंह को इस प्रतियोगिता में तकनीकी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि अब गतका सिर्फ पारंपरिक तलवारबाजी नहीं, बल्कि फिटनेस और प्रोफेशनल ट्रेनिंग पर आधारित आधुनिक खेल बन चुका है। इसमें तकनीकी नियमों और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होता है। सुखदीप ने कहा कि खेलो इंडिया जैसे राष्ट्रीय मंच पर गतका को शामिल किया जाना पंजाब के सांस्कृतिक गौरव और युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। यह युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास, और नेतृत्व जैसे गुणों से भी जोड़ता है। गतका अब सिर्फ धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहा। अब इसे डाइट चार्ट, फिटनेस मॉड्यूल और प्रतिस्पर्धात्मक नियमों के साथ प्रोफेशनली सिखाया जा रहा है। इस पहल ने न केवल सिख विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया, बल्कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशों से दूर रखने में भी योगदान दिया है। लुधियाना से चयनित खिलाड़ी और उनके कोच इस मौके को आशा और जोश से देख रहे हैं। रघुबीर सिंह का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, अब लक्ष्य गतका को ओलिंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है।


