भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त महिला शरमीन इरफान ने आज अटारी वाघा सीमा से पाकिस्तान वापस लौटने का प्रयास किया लेकिन वह इस प्रयास में सफल नहीं हो पाई है। इरफान की 12 साल पहले पाकिस्तानी शौहर से शादी हुई थी। उसका पाकिस्तान में एक बेटा भी है। इरफान अपनी मां का हालचाल जानने भारत आई थी। इरफान ने पाकिस्तानी समर्थित आतंकवादियों के हमले का विरोध करते हुए कहा कि आतंकवाद का अंत होना ही चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए फिर वे चाहे किसी भी मुल्क, किसी भी धर्म के हों। जो कुछ पहलगाम में हुआ बेहद गलत हुआ। उनकी वजह से ही आज आम नागरिक संकट में फंसे हैं दुख तकलीफ झेल रहे हैं। आखिर कब तक यह सब होता रहेगा तथा। इरफान ने उम्मीद जताई कि कोई न कोई रास्ता जल्द निकल आएगा तथा वह पाकिस्तान लौट सकेगी। एक अन्य महिला अरफाना ने भी परिवार से अपने अलग होने की दुख भरी दास्तां सुनाई तथा उन्होंने सरकार से अपील की कि उन्हें अपने बच्चों के साथ पाकिस्तान वापिस लौटने का मौका दिया जाए। आतंकवादियों की कार्रवाई की सजा आम नागरिकों को नहीं मिलनी चाहिए। उनकी सजा नागरिक भला क्यों भुगतें। इसमें लोगों का क्या कसूर। भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द किए जाने के फैसले का असर एक पाकिस्तानी हिंदू नागरिक सूरज कुमार पर भी पड़ा है। यह पाक नागरिक आज स्वदेश लौट रहा था लेकिन उसे भी रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान अपने परिवार के पास लौटना चाहता है लेकिन उसे कोई भी रास्ता नहीं समझ आ रहा है। सूरज ने कहा कि जब भी दोनों मुल्कों की सरहद खुलेगी वह पाकिस्तान लौट जाएगा। बच्चों से मिलेगा, जो भी हो रहा है गलत हो रहा है।


