भास्कर न्यूज| अमृतसर आप पार्टी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव एवं प्रवक्ता व ट्रस्ट चेयरमैन करमजीत सिंह रिंटू ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा पंजाब का 8,500 क्यूसेक पानी हरियाणा को दिए जाने के फैसले पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह जो फैसला लिया गया है, केवल तकनीकी या प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के साथ जानबूझ कर साजिश की गई है। बीएमबी के जरिए हरियाणा को जबरन अतिरिक्त पानी देना उसी गंदी राजनीति का हिस्सा है, जो दिल्ली में पंजाब के खिलाफ रची जा रही है। भाखड़ा मेन लाइन चैनल की अधिकतम क्षमता 10,000 क्यूसेक है, जबकि हरियाणा का कानूनी हिस्सा 7,000 क्यूसेक तक सीमित है। बावजूद इसके पंजाब के इंजीनियरों की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए राजनीतिक दबाव में वोटिंग करवाकर यह तानाशाही निर्णय लिया गया है। इससे साफ जाहिर है कि बीएमबी अब भाजपा के राजनीति का हिस्सा बन चुका है। पहले भी भाजपा सरकार ने किसान आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। पंचायतों की ग्रांट रोकी। एसवाईएल का मुद्दा जबरन थोपा। उन्होंने कहा कि बीएमबी का यह फैसला तत्काल रद्द किया जाए। केंद्र सरकार पंजाब के जल अधिकारों पर स्पष्ट और न्यायसंगत नीति घोषित करे, भविष्य में कोई भी जल-संबंधी निर्णय तकनीकी समिति की सर्वसम्मति हो न कि राजनीतिक दबाव में। केंद्र ने पंजाब का पानी हरियाणा भेजने का फैसला वापस नहीं लिया तो आप पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी। पंजाब के लोग इस ओछी राजनीति पर बीजेपी की केंद्रशासित सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे।


