प्रदेश में आने वाले चुनावों में मतदाताओं को कई नई चीजें देखने को मिलेगी। चुनाव के लिए बांटी जाने वाली वोटर पर्ची का स्वरूप बदला हुआ मिलेगा। वोटर पर्ची को मतदाताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए आयोग ने इसके डिजाइन को बदलने का फैसला किया है। वोटर नंबर और भाग संख्या अब अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें अक्षर का आकार बढ़ाया जाएगा। इससे वोटर के लिए अपने बूथ को पहचानना और मतदान अधिकारियों के लिए मतदाता सूची में उनके नाम को ढूंढना आसान हो जाएगा। साथ ही घर-घर आकर वोटरलिस्ट को अपडेट करने वाले 24731 बूथ लेवल अफसरों को मतदाताओं को पहचानने में कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि उनके पास पहचान पत्र होगा। यह उन्हें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जारी करेंगे। अब तक यह जिला स्तर पर जारी किए जाते थे। बीएलओ के घर के सामने भी नाम पट्टिका लगाई जाती रही है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार छत्तीसगढ़ में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। आयोग ने मतदाता सूची की शुद्धता में वृद्धि करने और नागरिकों के लिए मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि ईआरओ द्वारा नियुक्त बीएलओं को मानक फोटो पहचान पत्र जारी किए जाएं। इससे नागरिक मतदाता सत्यापन और पंजीकरण अभियान के दौरान बीएलओ को पहचान सकेगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मार्च में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी व राज्यों के सीईओ के सम्मेलन में मिले सुझावों के बाद यह बदलाव किया जा रहा है। मृतक वोटरों की पहचान आसान: आयोग अब भारत के रजिस्ट्रार जनरल से इलेक्ट्रॉनिक रूप से मृत्यु पंजीकरण डेटा प्राप्त करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों यानी ईआरओ को पंजीकृत मृत्यु के बारे में समय पर जानकारी प्राप्त हो सके। इससे बूथ लेवल ऑफिसर भी फॉर्म 7 द्वारा औपचारिक आवेदन पत्र का इंतजार किए बिना फील्ड विजिट के जरिए जानकारी को पुनः सत्यापित कर सकेंगे।


